नेपाल में बुढी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से मची अफरा-तफरी, कई मकान बहे; लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह

काठमांडू। नेपाल के गोरखा जिले में बुढी गंडकी नदी में रविवार सुबह अचानक पानी का बहाव बढ़ने से बाढ़ का खतरा गंभीर हो गया। उत्तरी गोरखा क्षेत्र में भूस्खलन के कारण नदी का प्रवाह बाधित होने और फिर अचानक पानी निकलने से निचले इलाकों में खतरा पैदा हो गया। अधिकारियों के अनुसार, जगत क्षेत्र में नदी किनारे बने पांच से सात मकान बह गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों और वहां ठहरे पर्यटकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है।
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने बुढी गंडकी नदी के आसपास रहने वाले लोगों के लिए सतर्कता जारी की है। प्रशासन ने नदी के किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने तथा जरूरत पड़ने पर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। अधिकारियों ने लोगों से नदी के पास जाने से बचने और प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा है।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, उत्तरी गोरखा जिले की चुमनुब्री ग्रामीण नगरपालिका के अंतर्गत लोकपा और छुलिंग के बीच भूस्खलन के कारण नदी का प्रवाह प्रभावित हुआ था। रविवार सुबह नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ने से आसपास की बस्तियों में रहने वाले लोगों के बीच अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पानी के तेज बहाव की आवाज सुनने के बाद सुरक्षित स्थानों की ओर जाना शुरू कर दिया।
प्रशासन ने सिरदिबास, जगत, यारी और तातोपानी सहित नदी के ऊपरी तथा मध्यवर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा माछाखोला, सोती, अरुखेत और अरुघाट जैसे निचले इलाकों में भी बाढ़ का खतरा देखते हुए सावधानी बरतने को कहा गया है। अधिकारियों के अनुसार, नदी में अचानक पानी बढ़ने का असर नीचे की ओर स्थित बस्तियों तक पहुंच सकता है।
स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को सतर्क करने के लिए सूचना प्रसारित की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जब तक बाढ़ का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक लोगों को नदी के किनारे जाने से बचना चाहिए और सुरक्षित स्थानों पर रहना चाहिए।
नेपाल में इस घटना ने नदी किनारे रहने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रभावित लोगों को सुरक्षित रखना और निचले इलाकों में संभावित नुकसान को कम करना है। आने वाले समय में नदी के जलस्तर और प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
Poonam Report.



