सौरभ हत्याकांड में बचाव पक्ष ने उठाया चश्मदीद गवाह न होने का मुद्दा, बुधवार को अभियोजन पक्ष देगा जवाब

मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड की सुनवाई जिला जज न्यायालय में अंतिम चरण में पहुंच गई है। सोमवार को बचाव पक्ष की ओर से मुस्कान और साहिल शुक्ला के पक्ष में दलीलें पेश की गईं। बचाव पक्ष ने अदालत के सामने वारदात का कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं होने समेत कई बिंदुओं को रखा। इन दलीलों के समर्थन में सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पूर्व आदेशों का भी हवाला दिया गया।
जिला शासकीय अधिवक्ता के अनुसार, बचाव पक्ष की वकील ने कहा कि सौरभ की हत्या करते हुए किसी व्यक्ति ने नहीं देखा। बचाव पक्ष ने यह भी दलील दी कि वारदात की रात साहिल शुक्ला को सौरभ और मुस्कान के घर जाते हुए भी किसी ने नहीं देखा। इसी आधार पर आरोपियों की कथित संलिप्तता पर सवाल उठाए गए और कहा गया कि केवल परिस्थितिजन्य तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट नहीं होता कि हत्या आरोपियों ने ही की।
बचाव पक्ष ने अपनी दलीलों को मजबूत करने के लिए सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के पहले दिए गए आदेश भी अदालत के समक्ष रखे। वहीं अभियोजन पक्ष इससे पहले गवाहों के बयानों और बरामदगी को आधार बनाकर अपनी दलीलें पेश कर चुका है और आरोपियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग कर चुका है।
अब मामले में बुधवार को अभियोजन पक्ष बचाव पक्ष की ओर से रखी गई दलीलों का जवाब देगा। जिला शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक अभियोजन पक्ष अदालत के सामने इन तर्कों का मजबूती से जवाब रखेगा। इसके बाद मामले में फैसला सुनाए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
Poonam Report



