लखनऊ में विदुषी सीता मिश्रा सेवा सम्मान, प्रो. सीमा सिंह को किया गया सम्मानित

लखनऊ। विदुषी सीता मिश्रा की जयंती के अवसर पर मंगलवार को उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान के निराला सभागार में “विदुषी सीता मिश्रा सेवा सम्मान-2026” और ‘लोकरंग’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज की पहली महिला कुलपति प्रो. सीमा सिंह को शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में उनके योगदान के लिए विदुषी सीता मिश्रा सेवा सम्मान-2026 से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध लेखक रामजी भाई ने की। उन्होंने परिवार और संस्कारों के निर्माण में महिलाओं की भूमिका पर विचार रखे और विदुषी सीता मिश्रा के जीवन से जुड़े संस्मरण साझा किए। मुख्य अतिथि लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने ऐसे आयोजनों को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी को आधुनिक प्रगति के साथ अपनी परंपराओं से भी जुड़कर रहना चाहिए।
विधान परिषद सदस्य पवन सिंह चौहान ने शिक्षा और शिक्षक के सम्मान के महत्व पर विचार व्यक्त किए। वरिष्ठ आईएएस डॉ. चंद्रभूषण त्रिपाठी ने परिवार को व्यक्ति के लिए पहली पाठशाला बताते हुए अपनी बोली और संस्कृति के प्रति सम्मान बनाए रखने की बात कही।
सम्मान प्राप्त करने के बाद प्रो. सीमा सिंह ने कहा कि यह सम्मान उनके लिए सुखद अनुभव है और इससे उन्हें आगे कार्य करने के लिए नई ऊर्जा और प्रेरणा मिलेगी। कार्यक्रम में पर्यावरण, परिवार, समाज, शिक्षा और संस्कार जैसे विषयों पर भी वक्ताओं ने अपने विचार रखे।
कार्यक्रम के दौरान विदुषी सीता मिश्रा के सामाजिक योगदान और उनके जीवन से जुड़े संस्मरण भी साझा किए गए। वक्ताओं ने बताया कि उन्होंने कमजोर वर्ग के बच्चों के उत्थान के लिए कार्य किया और विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक आयोजनों में सक्रिय सहभागिता निभाई।
इस अवसर पर परिवार और संस्कार विषय पर परिचर्चा भी हुई। इसके बाद काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया, जिसमें कवियों ने अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं। रविशंकर देहाती और उनके साथियों ने लोकगीत और भजन प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा, साहित्य, सामाजिक क्षेत्र और विभिन्न संस्थाओं से जुड़े कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन का संचालन शरद जगदीश मिश्र ने किया।
Poonam Report



