लोकगीत महिलाओं के जीवन, श्रम और योगदान के महत्वपूर्ण दस्तावेज : प्रो. स्मिता तिवारी

प्रयागराज में आयोजित एक व्याख्यान में प्रो. स्मिता तिवारी ने कहा कि लोकगीत महिलाओं के जीवन, श्रम और सामाजिक योगदान को समझने के महत्वपूर्ण दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा कि लोकगीतों में महिलाओं के दैनिक जीवन, संघर्ष, भावनाओं और पारिवारिक तथा सामाजिक जिम्मेदारियों की झलक मिलती है।
उन्होंने कहा कि लोक परंपराओं में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण रही है। पीढ़ी-दर-पीढ़ी मौखिक रूप से आगे बढ़े लोकगीत समाज के विभिन्न पक्षों को सामने लाते हैं और इनके माध्यम से उस समय की सामाजिक परिस्थितियों को भी समझा जा सकता है।
व्याख्यान के दौरान लोक साहित्य और लोकगीतों के संरक्षण तथा उनके अध्ययन की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि बदलते समय में लोक परंपराओं को सुरक्षित रखना जरूरी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां अपनी सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक इतिहास से जुड़ी रह सकें।
Poonam Report.



