यमुना में छोड़ी गईं 50 हजार मछलियां, जलीय पारिस्थितिकी सुधारने की पहल

मथुरा। यमुना नदी की स्वच्छता, जलीय पारिस्थितिकी के संतुलन और प्रदूषण नियंत्रण के उद्देश्य से गोकुल बैराज पर मंगलवार को विशेष रिवर रैंचिंग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान यमुना नदी में 50 हजार मछली के बच्चों को छोड़ा गया। कार्यक्रम की शुरुआत जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने नाव के माध्यम से नदी में मत्स्य बीज प्रवाहित कर की।
कार्यक्रम के लिए 250 पैकेटों में कुल 50 हजार मत्स्य बीज लाए गए थे। प्रत्येक पैकेट में 200 मछली के बच्चे थे। आयोजन के दौरान इन मछलियों को विशेष सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्था के साथ नदी में छोड़ा गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य यमुना में नाइट्रोजन युक्त प्रदूषण को कम करने और जैव नियंत्रण के माध्यम से नदी के जलीय पर्यावरण को बेहतर बनाने का प्रयास करना है। अधिकारियों के अनुसार मछलियों के बड़े होने के साथ नदी के पारिस्थितिकी तंत्र और जैव विविधता को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जिला पंचायत अध्यक्ष किशन चौधरी ने कहा कि यमुना को स्वच्छ और संतुलित बनाने के लिए इस तरह की पहल महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मछलियों के बढ़ने से नदी के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय मछुआरों और मत्स्य पालकों की आजीविका को भी सहारा मिल सकता है।
सहायक निदेशक मत्स्य आकांक्षा ने बताया कि इस पहल से जलीय पर्यावरण और जैव विविधता में सुधार की उम्मीद है। इससे क्षेत्र में मछली उत्पादन को बढ़ावा मिलने और मत्स्य क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना भी है।
कार्यक्रम में फिश इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, भाजपा ब्रज क्षेत्र मंत्री विनोद चौधरी, गौरव अग्रवाल समेत प्रशासनिक अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर यमुना संरक्षण, मत्स्य संपदा के संवर्धन और जनकल्याण के लिए प्रयास जारी रखने का संकल्प दोहराया गया।
Poonam Report



