कार्यालयी कामकाज में हिंदी के सरल प्रयोग पर जोर, प्रयागराज में आयोजित हुई कार्यशाला

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय, सूबेदारगंज में राजभाषा पखवाड़े के तहत हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में कार्यालयी कामकाज में हिंदी के प्रभावी प्रयोग, सरल भाषा के इस्तेमाल और राजभाषा से जुड़े नियमों पर चर्चा की गई।
कार्यशाला में उप मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं उप वित्त सलाहकार, मुख्य लेखा अधिकारी एवं भंडार डॉ. गरिमा त्रिपाठी ने कहा कि केंद्र सरकार के कार्यालयों में हिंदी का प्रयोग संवैधानिक और कानूनी दायित्व है। उन्होंने कहा कि उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय ‘क’ क्षेत्र में आता है और यहां अधिकांश कर्मचारी हिंदी में प्रवीणता या कार्यसाधक ज्ञान रखते हैं। ऐसे में कार्यालयी कार्यों में हिंदी के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए लगातार प्रयास किए जाने चाहिए।
डॉ. गरिमा त्रिपाठी ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राजभाषा अधिनियम की धारा 3(3) के अंतर्गत आने वाले दस्तावेजों, पत्राचार और कार्यालयी टिप्पणियों में नियमानुसार हिंदी या हिंदी-अंग्रेजी के द्विभाषी रूप का प्रयोग किया जाना चाहिए।
उन्होंने कर्मचारियों से कार्यालयी व्यवहार में आम बोलचाल में इस्तेमाल होने वाले सरल और प्रचलित शब्दों को प्राथमिकता देने की अपील की। उनका कहना था कि ऐसी भाषा का प्रयोग होना चाहिए जिसे अधिकारी, कर्मचारी, यात्री, ग्राहक और आम नागरिक आसानी से समझ सकें। सरल हिंदी के माध्यम से रेलवे की नीतियों और कार्यक्रमों की जानकारी अधिक लोगों तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है।
कार्यशाला में प्रधान आयकर आयुक्त कार्यालय, प्रयागराज के सहायक निदेशक एवं राजभाषा मकरध्वज मौर्य और पूर्व उप निदेशक एवं राजभाषा प्रकाश चंद्र मिश्र ने राजभाषा नीति और उसके कार्यान्वयन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने कार्यालयी कार्यों में हिंदी के प्रभावी प्रयोग को लेकर व्यावहारिक जानकारी भी साझा की।
कार्यक्रम में महाप्रबंधक कार्यालय के विभिन्न विभागों के कर्मचारी मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी यथार्थ पाण्डेय ने किया।
Poonam Report



