भारत में मोबाइल ग्राहकों की संख्या बढ़ी, अगस्त में 1.29 अरब पहुंचा आंकड़ा

नई दिल्ली। भारत में मोबाइल और ब्रॉडबैंड कनेक्शन की संख्या में अगस्त 2026 के दौरान बढ़ोतरी दर्ज की गई। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के आंकड़ों के अनुसार अगस्त के अंत तक देश में वायरलेस मोबाइल ग्राहकों की संख्या करीब 129.34 करोड़ पहुंच गई। जुलाई की तुलना में अगस्त में वायरलेस मोबाइल ग्राहकों की संख्या में करीब 55.1 लाख की बढ़ोतरी हुई।
अगस्त में रिलायंस जियो ने करीब 24 लाख नए मोबाइल ग्राहक जोड़े, जबकि भारती एयरटेल के ग्राहकों की संख्या में करीब 21.1 लाख की वृद्धि हुई। वोडाफोन आइडिया ने करीब 5.06 लाख और सरकारी कंपनी बीएसएनएल ने करीब 4.93 लाख मोबाइल ग्राहक जोड़े। कुल मिलाकर देश के वायरलेस मोबाइल सब्सक्राइबर बेस में करीब 55.1 लाख की बढ़ोतरी हुई।
आंकड़ों के मुताबिक अगस्त में शहरी क्षेत्रों में मोबाइल कनेक्शनों की वृद्धि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में अधिक रही। शहरी वायरलेस ग्राहक संख्या करीब 74.88 करोड़ और ग्रामीण वायरलेस ग्राहक संख्या करीब 54.46 करोड़ रही। शहरी क्षेत्र में मासिक वृद्धि 0.70 प्रतिशत रही, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में यह 0.06 प्रतिशत रही।
देश में सभी प्रकार के टेलीफोन कनेक्शनों यानी वायरलेस और वायरलाइन को मिलाकर कुल टेलीफोन सब्सक्राइबर की संख्या अगस्त के अंत में 136.07 करोड़ पहुंच गई। जुलाई के मुकाबले इसमें करीब 64.2 लाख की वृद्धि हुई। वहीं, देश की कुल टेली-डेंसिटी बढ़कर 95.07 प्रतिशत हो गई।
ब्रॉडबैंड क्षेत्र में भी वृद्धि दर्ज की गई। अगस्त के अंत तक भारत में कुल ब्रॉडबैंड सब्सक्राइबर की संख्या 110.12 करोड़ पहुंच गई, जो जुलाई के 109.45 करोड़ से अधिक है। इसमें करीब 0.61 प्रतिशत की मासिक वृद्धि दर्ज की गई। TRAI के आंकड़ों के अनुसार इस गणना में 1,579 ऑपरेटरों का डेटा शामिल है।
ब्रॉडबैंड बाजार में रिलायंस जियो करीब 53.80 करोड़ ग्राहकों के साथ सबसे अधिक सब्सक्राइबर वाला प्रदाता रहा। इसके बाद भारती एयरटेल के करीब 38.64 करोड़, वोडाफोन आइडिया के 13.09 करोड़ और बीएसएनएल के करीब 2.78 करोड़ ब्रॉडबैंड ग्राहक रहे। शीर्ष पांच ब्रॉडबैंड प्रदाताओं की संयुक्त बाजार हिस्सेदारी 98.58 प्रतिशत रही।
TRAI के अगस्त के आंकड़े बताते हैं कि देश में मोबाइल और ब्रॉडबैंड सेवाओं का विस्तार जारी है। हालांकि, मोबाइल सब्सक्राइबर वृद्धि में शहरी क्षेत्रों की हिस्सेदारी ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में काफी अधिक रही।
Poonam Report.



