MPSC विवाद: छात्रों के आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला, तुकाराम मुंढे को मिली अहम जिम्मेदारी

महाराष्ट्र, 12 अक्टूबर। महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और भर्ती प्रक्रिया में सुधार की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों के बीच राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे को एमपीएससी से जुड़े मामलों की जांच और आयोग में सुधार के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति का सचिव नियुक्त किया है। यह घोषणा मंत्री शिवेंद्रसिंहराजे भोसले ने पुणे में आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद की।
पुणे के एस.एम. जोशी पुल पर अभ्यर्थी कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। आंदोलन का नेतृत्व विधायक रोहित पवार कर रहे थे। अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता, कथित पेपर लीक मामलों की जांच, भर्ती व्यवस्था में सुधार और एमपीएससी के अध्यक्ष विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग शामिल थी। सरकार की ओर से आश्वासन मिलने के बाद भी अध्यक्ष के इस्तीफे का मुद्दा विवाद का विषय बना रहा।
सरकार ने कथित पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की जांच के लिए पूर्व न्यायाधीश दिलीप भोसले की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति गठित करने का निर्णय लिया है। समिति में तुकाराम मुंढे के अलावा अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और पूर्व न्यायिक अधिकारियों को भी शामिल किया गया है। समिति का उद्देश्य मामले की जांच करना और एमपीएससी की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए सुझाव देना है।
आंदोलन के दौरान अभ्यर्थियों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने का आश्वासन भी सरकार की ओर से दिया गया है। इसके साथ ही भर्ती प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिलाया गया। अभ्यर्थियों की मांगों में आगामी समूह-सी भर्ती परीक्षा में पदों की संख्या बढ़ाना और सरकारी रिक्तियों पर भर्ती प्रक्रिया तेज करना भी शामिल है।
इस बीच, एमपीएससी अध्यक्ष विवेक भीमनवार ने जांच पूरी होने तक छुट्टी पर जाने की घोषणा की। इसके बाद पुणे में चल रहा आंदोलन समाप्त होने की खबर सामने आई। अब अभ्यर्थियों की नजर जांच समिति की कार्रवाई और सरकार की ओर से किए गए आश्वासनों के क्रियान्वयन पर है।
Poonam Report.



