मथुरा रिफाइनरी ने वन्यजीव संरक्षण के लिए वाइल्डलाइफ एसओएस को दीं दो विशेष एम्बुलेंस

मथुरा में इंडियन ऑयल की मथुरा रिफाइनरी ने वन्यजीव संरक्षण की दिशा में पहल करते हुए वाइल्डलाइफ एसओएस के एलिफेंट कंजर्वेशन एंड केयर सेंटर, फरह को दो विशेष एम्बुलेंस उपलब्ध कराई हैं। इन वाहनों का उपयोग संकट में फंसे, घायल या अस्वस्थ वन्यजीवों के सुरक्षित और त्वरित रेस्क्यू तथा उपचार एवं पुनर्वास केंद्र तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा।
विशेष रूप से तैयार की गई इन एम्बुलेंस में वन्यजीवों के सुरक्षित परिवहन के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें प्राथमिक चिकित्सा उपकरण, पशुओं की सुरक्षित हैंडलिंग और परिवहन के दौरान जरूरी चिकित्सा सहायता की व्यवस्था शामिल है। वाहनों में उपयुक्त तापमान बनाए रखने का भी प्रबंध किया गया है, ताकि रेस्क्यू किए गए वन्यजीवों को सुरक्षित तरीके से उपचार केंद्र तक पहुंचाया जा सके।
इन एम्बुलेंस का उपयोग सड़क दुर्घटनाओं या मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसी परिस्थितियों में घायल वन्यजीवों के रेस्क्यू के लिए भी किया जा सकेगा। वाइल्डलाइफ एसओएस लंबे समय से वन्यजीवों के रेस्क्यू, उपचार और पुनर्वास के क्षेत्र में काम कर रहा है। संस्था हाथियों के अलावा भालू, तेंदुए, मगरमच्छ, सांप और अन्य वन्यजीवों के संरक्षण एवं उपचार से जुड़े कार्य भी करती है।
मथुरा रिफाइनरी के कार्यकारी निदेशक एवं रिफाइनरी प्रमुख मुकुल अग्रवाल ने कहा कि वन्यजीव पारिस्थितिकी तंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और उनका संरक्षण पर्यावरणीय संतुलन के लिए आवश्यक है। उन्होंने कहा कि रिफाइनरी की ओर से उपलब्ध कराई गई एम्बुलेंस वन्यजीवों को समय पर चिकित्सा सहायता और सुरक्षित परिवहन उपलब्ध कराने में मदद करेंगी।
मथुरा रिफाइनरी इससे पहले भी वाइल्डलाइफ एसओएस के शेल्टर विकास और पशु देखभाल से जुड़ी सुविधाओं में सहयोग कर चुकी है। दोनों संस्थाओं के बीच सहयोग के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण और उनके कल्याण से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है।
मथुरा में वाइल्डलाइफ एसओएस का हाथी संरक्षण एवं देखभाल केंद्र उत्तर प्रदेश वन विभाग के सहयोग से संचालित है। संस्था के अनुसार, मथुरा स्थित केंद्र में घायल और संकटग्रस्त हाथियों के उपचार तथा देखभाल की व्यवस्था की जाती है।
Poonam Report



