कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले को लेकर भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा के नेता सदन जेपी नड्डा को पत्र लिखा है। खरगे ने नड्डा से इस मामले में तत्काल कार्रवाई कराने और कथित रूप से जिम्मेदार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है।
मामला 8 अगस्त 2026 का है, जब खरगे ने हल्द्वानी के रामलीला मैदान में एक सार्वजनिक सभा को संबोधित किया था। कांग्रेस का आरोप है कि सभा के बाद मैदान में कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ की रस्म की गई। कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और दलित समुदाय के अपमान से जोड़ते हुए कार्रवाई की मांग की है।
खरगे ने अपने पत्र में नड्डा को 13 अगस्त को राज्यसभा में दिए गए उनके आश्वासन की याद दिलाई। खरगे के मुताबिक, उस समय नड्डा ने मामले की जांच और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही थी। अब खरगे ने सवाल उठाया है कि घटना के 24 दिन बाद भी संबंधित व्यक्तियों या संगठनों के खिलाफ एफआईआर क्यों दर्ज नहीं की गई।
खरगे ने कहा कि यह मुद्दा केवल उनके व्यक्तिगत सम्मान या कांग्रेस अध्यक्ष के पद तक सीमित नहीं है। उनके अनुसार, मामला उन करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़ा है जो सामाजिक भेदभाव जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। उन्होंने नड्डा से उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को निर्देश देने और मामले में कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया।
वहीं, भाजपा और कार्यक्रम से जुड़े आयोजकों ने कांग्रेस के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और आयोजकों की ओर से कहा गया है कि कथित अनुष्ठान खरगे की मौजूदगी या उनकी जाति के कारण नहीं किया गया था। आयोजकों ने दावा किया कि मंच पर गंदगी होने के कारण धार्मिक अनुष्ठान किया गया था। भाजपा ने भी इस घटना से पार्टी कार्यकर्ताओं के जुड़े होने से इनकार किया है।
मामले को लेकर राजनीतिक विवाद लगातार बढ़ता गया है। कांग्रेस की ओर से कार्रवाई और एफआईआर की मांग की जा रही है, जबकि भाजपा की ओर से कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया गया है। इसी बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ भी कथित ‘शुद्धिकरण’ मामले को लेकर टिप्पणी करने पर एफआईआर दर्ज होने की खबर सामने आई है।
अब खरगे की नड्डा को लिखी चिट्ठी के बाद यह विवाद एक बार फिर राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। आगे प्रशासन और पुलिस की ओर से मामले में क्या कार्रवाई होती है, इस पर सभी की नजर है।
Poonam Report



