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यूपी में होम-स्टे को बढ़ावा देने के लिए 31 संचालकों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण

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लखनऊ में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने और होम-स्टे संचालकों को बेहतर आतिथ्य सेवाओं के लिए तैयार करने की दिशा में पर्यटन विभाग की ओर से पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कांशीराम इंस्टीट्यूट ऑफ टूरिज्म मैनेजमेंट में 15 से 19 सितंबर तक चले इस प्रशिक्षण में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 31 होम-स्टे संचालकों ने हिस्सा लिया।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को होम-स्टे के प्रभावी संचालन, पर्यटकों के बेहतर आतिथ्य, स्वच्छता, स्थानीय संस्कृति और खानपान को पर्यटन से जोड़ने तथा डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य संचालकों को पर्यटन क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप पेशेवर सेवाएं देने के लिए तैयार करना रहा।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि होम-स्टे के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर विकसित किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण में नवाचार और कौशल विकास पर विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रशिक्षण में कम लागत में प्रभावी मार्केटिंग, ब्रांडिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रचार, टैरिफ तय करने, लागत नियंत्रण, अतिथि पंजीकरण और शिकायतों के समाधान जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। इसके अलावा हाउसकीपिंग, रखरखाव, इंटीरियर, स्वच्छता, सुरक्षा और सेवा प्रोटोकॉल से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं को भी समझाया गया।

कार्यक्रम के चार दिनों में प्रतिभागियों को सैद्धांतिक प्रशिक्षण दिया गया, जबकि पांचवें दिन उन्हें लखनऊ के कठवारा स्थित कृष्णा होम स्टे, आकाश होम स्टे और मिदौरी फार्म स्टे का भ्रमण कराया गया। इस दौरान उन्हें संचालन की वास्तविक व्यवस्था देखने और सीखी गई बातों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला।

प्रशिक्षण में स्टोरीटेलिंग पर भी जानकारी दी गई। संचालकों को बताया गया कि स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और क्षेत्र की खासियतों को रोचक तरीके से पर्यटकों तक पहुंचाकर उनके अनुभव को बेहतर बनाया जा सकता है। प्रशिक्षण के बाद प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया और उन्हें प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।

पर्यटन मंत्री के अनुसार, वर्ष 2047 तक पर्यटन का राज्य की जीवीए में योगदान बढ़ाकर 5 प्रतिशत और देश के पर्यटन जीवीए में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत तक करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके साथ ही प्रदेश में होम-स्टे नेटवर्क के विस्तार के लिए एक लाख कमरों की आवश्यकता बताई गई है। विभाग का कहना है कि होम-स्टे के विस्तार से ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।

Poonam Report

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