उमानाथ सिंह राजनीति में शुचिता के प्रतीक थे: रविंद्र जायसवाल

जौनपुर में रविवार को तिलकधारी महाविद्यालय के बलरामपुर सभागार में पूर्व मंत्री और अमर शहीद उमानाथ सिंह की स्मृति में श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय शुल्क तथा पंजीकरण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार रविंद्र जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने उमानाथ सिंह को राजनीति में शुचिता, सहजता, सरलता और मृदुभाषिता का प्रतीक बताया।
रविंद्र जायसवाल ने कहा कि उमानाथ सिंह ने सत्ता की राजनीति के बजाय पंडित दीनदयाल उपाध्याय की विचारधारा को अपनाया और समाज के अंतिम व्यक्ति तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने कहा कि जिस समय देश में कांग्रेस का व्यापक प्रभाव था, उस दौर में भी उमानाथ सिंह ने अपने विचारों से समझौता नहीं किया और पूर्वांचल की राजनीति को नई दिशा देने का काम किया।
विधायक रमेश मिश्रा ने उमानाथ सिंह के जीवन से जुड़े संस्मरण साझा करते हुए उनके शील, संयम और अनुशासनप्रियता को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व एमएलसी केदारनाथ सिंह ने कहा कि उमानाथ सिंह व्यापारियों की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष करते रहे और इसी संघर्ष के दौरान उन्होंने अपने प्राणों का बलिदान दिया। उनके विकास कार्यों को आज भी लोग याद करते हैं।
खेल एवं युवा कल्याण राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गिरीश चंद्र यादव ने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में जाने पर लोग जौनपुर का नाम सुनकर उमानाथ सिंह के बारे में चर्चा करते हैं। उन्होंने उनके व्यक्तित्व और लोकप्रियता को याद करते हुए कहा कि उनके विकास कार्यों को आगे बढ़ाना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
समारोह में पूर्व विधायक सुरेंद्र प्रताप सिंह, प्रो. आरएन त्रिपाठी, वशिष्ठ नारायण सिंह, भाजपा नेता अरविंद सिंह, कवि सभाजीत द्विवेदी ‘प्रखर’ समेत कई लोग मौजूद रहे। अतिथियों का पुष्पगुच्छ, स्मृति चिह्न और अंगवस्त्र देकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व प्राचार्य डॉ. समर बहादुर सिंह ने किया, जबकि पूर्व सांसद केपी सिंह ने आभार व्यक्त किया।
Poonam Report



