बीएचयू में भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0 का समापन, आठ क्षेत्रों के स्टार्टअप्स को मिला सम्मान

वाराणसी स्थित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के प्रबंध संस्थान के अटल इन्क्यूबेशन सेंटर की ओर से आयोजित दो दिवसीय भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव 2.0-2026 का शनिवार को स्वतंत्रता भवन सभागार में समापन हुआ। कार्यक्रम में नवाचार, उद्यमिता, स्टार्टअप विकास और उद्योग-अकादमिक सहयोग से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार साझा किए।
समापन सत्र में भारतीय उद्योग परिसंघ, काशी क्षेत्र के अध्यक्ष उमंग कुमार साह ने नवाचार आधारित विकास के लिए उद्योग और अकादमिक संस्थानों के बीच सहयोग की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने युवा नवाचारकों को बदलते बाजार की चुनौतियों को अवसर के रूप में देखने और अपने शोध एवं विचारों को व्यावहारिक समाधान में बदलने की दिशा में काम करने की बात कही।
उत्तर प्रदेश के सूचना प्रौद्योगिकी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के परामर्शदाता रवि शंकर पांडेय ने स्टार्टअप विकास के लिए सरकार और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने उद्यमिता एवं नवाचार को बढ़ावा देने से जुड़े विषय पर भी प्रतिभागियों को संबोधित किया।
कॉन्क्लेव के दौरान बीएचयू के रसायन विज्ञान विभाग की सहायक प्रोफेसर डॉ. सोमनाथ घड़ेई ने उद्यमिता के अवसरों पर जानकारी दी। वहीं इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, बीएचयू के डॉ. दीपक गौतम ने स्वास्थ्य क्षेत्र में उद्यमिता की संभावनाओं पर विचार रखे। मुख्य अतिथि विशाल सारस्वत, सीईओ, छावनी परिषद वाराणसी ने भी प्रतिभागियों को संबोधित किया।
कार्यक्रम में आठ अलग-अलग क्षेत्रीय ट्रैक्स में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विजेता स्टार्टअप्स को भारत इनोवेशन अवार्ड प्रदान किए गए। इन क्षेत्रों में मेडिकल टेक्नोलॉजी, सोशल एंटरप्रेन्योरशिप, लीन टेक, एडटेक, एग्रीटेक, इलेक्ट्रॉनिक्स, टूरिज्म एंड कल्चर तथा इनोवेशन, टेक्नोलॉजी एंड साइबर सिक्योरिटी शामिल रहे।
भारत इनोवेशन कॉन्क्लेव के अध्यक्ष डॉ. रविकिरण प्रभाकर ने दो दिवसीय आयोजन की रिपोर्ट प्रस्तुत की और विभिन्न क्षेत्रीय ट्रैक्स में प्रस्तुत किए गए नवाचारों और भागीदारी की जानकारी दी। इस अवसर पर प्रो. पी.वी. राजीव, प्रोफेसर-इंचार्ज एवं डायरेक्टर-इंचार्ज, एआईसी-बीएचयू भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का समापन भाषण प्रबंध संस्थान, बीएचयू के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेई ने दिया। उन्होंने कॉन्क्लेव को युवाओं, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों, उद्योग और सरकार के बीच नवाचार तथा उद्यमिता को लेकर संवाद का मंच बताया।
Poonam Report



