
पटना जंक्शन पर जाली लाइसेंस के साथ हथियार लेकर आया शख्स गिरफ्तार, पुलिस की मुस्तैदी से खुला राज
पटना जंक्शन पर रेल पुलिस (GRP) की सतर्कता से एक बड़ा मामला सामने आया है। प्लेटफॉर्म संख्या 10 के गेट नंबर 5 पर एक संदिग्ध शख्स को पकड़ा गया, जिसके पास से एक नाली बंदूक, 12 बोर के 7 जिंदा कारतूस और जाली लाइसेंस बरामद हुए।
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में आरोपी ने जो खुलासे किए, उसने पुलिस को भी चौंका दिया।
कैसे हुआ खुलासा?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई “ऑपरेशन क्लीन” के तहत की जा रही थी। GRP और RPF की टीम स्टेशन पर अपराधियों और संदिग्धों की धरपकड़ के लिए विशेष चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान एक व्यक्ति पिठू बैग लिए हुए संदिग्ध अवस्था में नजर आया और पुलिस को देखकर भागने लगा।रेल पुलिस ने तुरंत पीछा कर उसे दबोच लिया।
बैग से निकला हथियार और जाली लाइसेंस
जब पुलिस ने उसके बैग की तलाशी ली, तो उसमें से बरामद हुए:
SBML (एक नाली) बंदूक
12 बोर के 7 जिंदा कारतूस
ब्लू कवर में जाली हथियार लाइसेंस (जिस पर वर्दी पहने फोटो चस्पा था)
एक बटन वाला मोबाइल फोन
आरोपी का नाम और पहचान
गिरफ्तार व्यक्ति की पहचान राजकिशोर यादव (उम्र 40 वर्ष) के रूप में हुई है। वह बिहार के भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र अंतर्गत कल्याणपुर गांव का रहने वाला है।
पूछताछ में उसने बताया कि वह तीन हजार रुपये में एक दलाल के जरिए इलाहाबाद से नकली लाइसेंस बनवाया, और उस आधार पर स्काई फॉक्स कंपनी की कैश वैन में सुरक्षा कर्मी की नौकरी कर रहा था।
कानूनी कार्रवाई और केस विवरण
रेल थाना पटना जंक्शन में इस मामले में कांड संख्या 546/25 के तहत मामला दर्ज किया गया है। उस पर भारतीय दंड संहिता की धारा 319(2)/337/339/340(2) BNS और आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)a/26 के तहत मुकदमा चलाया जा रहा है।
रेल पुलिस SP अमृतेन्दु शेखर ठाकुर का बयान
रेल पुलिस अधीक्षक ने कहा:
ऑपरेशन क्लीन के तहत इस तरह की कार्यवाही लगातार की जा रही है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और रेलवे क्षेत्र में अपराधों को रोकने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
सवाल उठते हैं
स्काई फॉक्स जैसी कंपनियों में बिना सत्यापन के ऐसे लोग कैसे नौकरी कर लेते हैं?
जाली लाइसेंस बनवाना इतना आसान कैसे हो गया?
सुरक्षा व्यवस्था में इतनी बड़ी चूक क्या आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा नहीं?



