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मूसलाधार बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ा, किसानों की बढ़ी चिंता

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मूसलाधार बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ा, किसानों की बढ़ी चिंता

बागपत, उत्तर प्रदेश – पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में हुई लगातार मूसलाधार बारिश के कारण यमुना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। जलस्तर में इस उछाल ने आसपास के गांवों में रहने वाले किसानों की चिंता बढ़ा दी है। खासकर वे किसान जिनकी फसलें यमुना के किनारे के खेतों में हैं, अब बाढ़ की आशंका से परेशान हैं।

यमुना खतरे के निशान की ओर बढ़ रही

स्थानीय जल विभाग के अनुसार, बीते 48 घंटों में क्षेत्र में भारी बारिश दर्ज की गई है, जिसके चलते यमुना में तेजी से पानी बढ़ा है। अगर अगले दो दिनों में बारिश नहीं रुकी, तो नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है, जिससे निचले इलाके जलमग्न हो सकते हैं।

किसानों की चिंता: फसलें बर्बाद होने का डर

यमुना के किनारे बसे गांवों जैसे टिकरी, काठा, रमाला और बड़ौत के किसान इस समय बेहद चिंतित हैं। उन्होंने बताया कि

> “अगर पानी इसी तरह बढ़ता रहा, तो धान और सब्जियों की फसलें बर्बाद हो जाएंगी। पहले भी बाढ़ की वजह से नुकसान उठाना पड़ा था।”

प्रशासन ने कहा – स्थिति पर नजर है

बागपत प्रशासन की ओर से कहा गया है कि

> “यमुना के जलस्तर की लगातार निगरानी की जा रही है। आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट पर हैं और गांवों में सूचना तंत्र सक्रिय किया गया है। जरूरत पड़ी तो राहत कैंप भी बनाए जाएंगे।”

स्थानीय लोगों की मांग – तटबंधों को किया जाए मजबूत

कई ग्रामीणों ने प्रशासन से तटबंधों की मरम्मत और मजबूती की मांग की है। उनका कहना है कि

> “हर साल यमुना का पानी खेतों और घरों तक पहुंच जाता है। अगर तटबंध मजबूत हों तो ये खतरा टल सकता है।”

मौसम विभाग का अलर्ट: अगले 2 दिन और भारी

मौसम विभाग ने बागपत सहित आसपास के जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि अगले 48 घंटों तक भारी बारिश जारी रह सकती है, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है।

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