
बलिया में क्षेत्रीय नदियों में भी उफान: चितबड़ागांव, फेफना और नरही के दर्जनों गांवों में बाढ़ का पानी घुसा
बलिया, उत्तर प्रदेश – गंगा में लगातार बढ़ते जलस्तर के बाद अब बलिया जिले की क्षेत्रीय नदियों में भी उफान देखने को मिल रहा है। चितबड़ागांव, फेफना और नरही ब्लॉकों के दर्जनों गांव बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं। बाढ़ का पानी लोगों के घरों और खेतों में घुस चुका है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
घरों में घुसा पानी, फसलें बर्बाद
गांवों में जलभराव के कारण लोगों को पलायन करने की नौबत आ गई है। चितबड़ागांव क्षेत्र के रामपुर, कठौड़ा, और पिंडारी गांवों में लोग अपने सामान के साथ ऊंचे स्थानों पर शरण ले रहे हैं। वहीं, फेफना और नरही के गांवों में भी हालात गंभीर बने हुए हैं।
धान और सब्जी की फसलें जलमग्न हो चुकी हैं, जिससे किसानों को भारी नुकसान हुआ है।
राहत कार्य शुरू, लेकिन संसाधन सीमित
प्रशासन ने नाव और राहत सामग्री भेजी है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार बाढ़ राहत कार्य धीमी गति से चल रहा है।
> “पानी घरों के अंदर तक पहुंच चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई,” – एक ग्रामीण ने बताया।
विद्यालय और सरकारी भवन बने शरण स्थल
जिन इलाकों में हालात ज्यादा बिगड़े हैं, वहां सरकारी स्कूलों और पंचायत भवनों को अस्थायी राहत कैंप बनाया गया है। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग वहां भोजन व विश्राम कर रहे हैं। लेकिन स्वास्थ्य सेवाएं और साफ पानी की व्यवस्था अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
प्रशासन अलर्ट मोड में, निगरानी जारी
बलिया के जिला प्रशासन ने बताया कि
> “प्रभावित गांवों की निगरानी लगातार की जा रही है। जहां जरूरत है वहां पानी निकासी और राहत वितरण की व्यवस्था की जा रही है। SDRF और NDRF को भी अलर्ट पर रखा गया है।”
अगले दो दिन भारी: मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने पूर्वानुमान जारी करते हुए कहा है कि बलिया और पूर्वांचल के अन्य हिस्सों में अगले दो दिनों तक भारी वर्षा हो सकती है। इससे हालात और भी खराब होने की आशंका है



