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मॉक पोल में निकलीं VVPAT की पर्चियों का क्या होता है? पोलिंग बूथ अधिकारी ने बताई पूरी सच्चाई

चुनाव के दौरान वोटिंग शुरू होने से पहले जो मॉक पोल (Mock Poll) कराया जाता है, उसका उद्देश्य EVM और VVPAT मशीनों की जांच करना होता है ताकि मतदान शुरू होने से पहले यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी मशीनें ठीक से काम कर रही हैं। लेकिन अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है — मॉक पोल में जो VVPAT की पर्चियां निकलती हैं, उनका आखिर क्या होता है?

इस सवाल का जवाब एक पोलिंग बूथ अधिकारी ने विस्तार से बताया है।

अधिकारी के अनुसार, मतदान शुरू होने से पहले सभी पोलिंग एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल किया जाता है। इसमें अलग-अलग प्रत्याशियों के लिए कुछ परीक्षण वोट डाले जाते हैं ताकि यह देखा जा सके कि EVM सही तरीके से वोट रिकॉर्ड कर रही है या नहीं, और VVPAT की पर्चियां उसी प्रत्याशी के नाम की निकल रही हैं या नहीं।

मॉक पोल समाप्त होने के बाद, सभी निकली हुई VVPAT की पर्चियों को सावधानीपूर्वक इकट्ठा कर एक विशेष लिफाफे में सील कर दिया जाता है। इस सील पर सभी पोलिंग एजेंटों के हस्ताक्षर लिए जाते हैं।

> “इन पर्चियों को कभी भी असली वोटिंग में शामिल नहीं किया जाता। इन्हें सिर्फ मशीन की विश्वसनीयता जांचने के लिए इस्तेमाल किया जाता है,” अधिकारी ने बताया।

इसके बाद उस सील किए गए लिफाफे को मतदान अधिकारी के पास सुरक्षित रखा जाता है, और मतदान के दौरान या बाद में इसे खोला नहीं जाता। अगर किसी स्तर पर तकनीकी विवाद या जांच की आवश्यकता होती है, तभी इन्हें निर्वाचन आयोग के निर्देश पर खोला जा सकता है।

मतदान प्रक्रिया शुरू होने से पहले यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि EVM और VVPAT की मेमोरी पूरी तरह से साफ हो चुकी है, यानी मॉक पोल के वोट डिलीट कर दिए गए हैं।

इस तरह, मॉक पोल की पर्चियां सिर्फ परीक्षण का हिस्सा होती हैं और असली चुनाव परिणाम से उनका कोई संबंध नहीं होता।

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