
बिहार के वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में एक बड़ी और ऐतिहासिक पहल होने जा रही है। राज्य को बहुत जल्द एक और टाइगर रिज़र्व मिलने की उम्मीद है, जो क्षेत्रफल के लिहाज से वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व (VTR) से भी बड़ा हो सकता है। इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और अब सिर्फ केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी का इंतजार किया जा रहा है।
कहां बनेगा नया टाइगर रिज़र्व
वन विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह प्रस्तावित टाइगर रिज़र्व दक्षिण बिहार के वन क्षेत्रों में विकसित किया जाएगा, जहां पहले से ही घने जंगल, पहाड़ी इलाके और वन्यजीवों की पर्याप्त मौजूदगी है। प्रारंभिक सर्वे में यहां बाघों की आवाजाही, तेंदुआ, भालू, चीतल, सांभर और अन्य दुर्लभ प्रजातियों के संकेत मिले हैं।
VTR से क्यों होगा बड़ा
प्रस्तावित टाइगर रिज़र्व का संभावित क्षेत्रफल वाल्मीकि टाइगर रिज़र्व से अधिक आंका जा रहा है। यदि इसे मंजूरी मिलती है तो यह न केवल बिहार का सबसे बड़ा टाइगर रिज़र्व बनेगा, बल्कि पूर्वी भारत के प्रमुख वन्यजीव संरक्षण क्षेत्रों में भी शामिल



