
बक्सर में मनरेगा मजदूरों के अधिकारों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने एक दिवसीय उपवास प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार पर मनरेगा को कमजोर करने, मजदूरों के साथ अन्याय करने और भुगतान में लगातार देरी का आरोप लगाया। उपवास स्थल पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा योजना देश के करोड़ों गरीब और ग्रामीण मजदूरों के लिए जीवनरेखा है, लेकिन मौजूदा केंद्र सरकार इस योजना को धीरे-धीरे खत्म करने की साजिश कर रही है। मजदूरों को समय पर काम नहीं मिल रहा, और जिन लोगों ने काम किया है उन्हें महीनों तक मजदूरी का भुगतान नहीं किया जा रहा।
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मजदूरों के साथ अन्याय का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बक्सर जिले सहित पूरे बिहार में हजारों मनरेगा मजदूर ऐसे हैं, जिनका भुगतान लंबित है। कई जगहों पर मजदूरों को काम मांगने के बावजूद रोजगार नहीं दिया जा रहा, जो मनरेगा कानून का सीधा उल्लंघन है।
नेताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों के कारण मजदूरों को मजबूरी में पलायन करना पड़ रहा है, जबकि मनरेगा का उद्देश्य ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराना है।
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सरकार के सामने रखीं प्रमुख मांगें
उपवास के दौरान कांग्रेस ने सरकार के सामने कई अहम मांगें रखीं, जिनमें शामिल हैं—
मनरेगा मजदूरों का लंबित भुगतान तुरंत किया जाए
मजदूरी दर को बढ़ाकर महंगाई के अनुरूप किया जाए
प्रत्येक परिवार को साल में पूरे 100 दिन का रोजगार सुनिश्चित किया जाए
काम की मांग पर समय से रोजगार न मिलने पर कानून के तहत मुआवजा दिया जाए
मनरेगा के बजट में कटौती बंद कर पर्याप्त फंड आवंटित किया जाए
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आंदोलन जारी रखने की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मजदूरों की समस्याओं पर जल्द ध्यान नहीं दिया, तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। जरूरत पड़ी तो जिला से लेकर राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक प्रदर्शन किया जाएगा।
उपवास में शामिल नेताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से गरीब, मजदूर और किसान के साथ खड़ी रही है और उनके अधिकारों की लड़ाई आगे भी पूरी ताकत से लड़ी जाएगी।
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प्रशासन की नजर
उपवास प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर प्रशासन की ओर से भी निगरानी रखी गई। हालांकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण रहा और किसी तरह की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।



