Bihar News Live, 14 January 2026: भागलपुर में अतिक्रमण पर चला प्रशासन का बुलडोजर, सरकारी जमीन से हटाए गए दर्जनभर घर — 4 घंटे तक चली कार्रवाई

भागलपुर। बिहार के भागलपुर जिले में मंगलवार को प्रशासन ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। जिले के तिलकामांझी थाना क्षेत्र के पास सरकारी जमीन पर बने दर्जनभर पक्के और कच्चे मकानों को बुलडोजर से ढहा दिया गया। यह कार्रवाई करीब चार घंटे तक चली, जिसमें प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने भाग लिया।
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, ये मकान सरकारी भूमि पर वर्षों से अवैध रूप से बने थे। बार-बार नोटिस जारी करने और चेतावनी देने के बावजूद जब अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तब जिला प्रशासन ने अंतिम कार्रवाई करने का निर्णय लिया।
🚜 सुबह 8 बजे शुरू हुई कार्रवाई, भारी पुलिस बल तैनात
सुबह करीब 8 बजे प्रशासनिक टीम बुलडोजर और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंची। किसी भी संभावित विरोध को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। मौके पर उपस्थित मजिस्ट्रेट ने कार्रवाई की निगरानी की और आसपास के इलाकों में सुरक्षा घेरा बनाया गया।
जैसे ही बुलडोजर ने पहले मकान पर वार किया, स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। कई परिवार अपने सामान निकालने में जुट गए, जबकि कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया। हालांकि पुलिस की सख्ती के चलते स्थिति नियंत्रण में रही।
🏠 प्रभावितों का आक्रोश – “बिना पुनर्वास तोड़ दिए घर”
प्रभावित लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने उन्हें पुनर्वास या वैकल्पिक व्यवस्था का कोई मौका नहीं दिया। एक महिला ने रोते हुए कहा, “हम यहां 20 साल से रह रहे हैं, अब अचानक सब उजड़ गया। हमारे पास जाने की कोई जगह नहीं।”
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि ये मकान सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा थे और बार-बार नोटिस देने के बाद भी हटाए नहीं गए। इसलिए कार्रवाई अपरिहार्य थी।
⚖️ जिला प्रशासन का बयान
भागलपुर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया,
> “सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हमने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है। जिन लोगों को नोटिस जारी किया गया था, उन्होंने कोई वैध दस्तावेज नहीं दिखाया।”
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में सभी अतिक्रमित सरकारी भूमि को खाली कराने की योजना बनाई गई है, ताकि सार्वजनिक परियोजनाओं में बाधा न आए।
📍 आगे की योजना
कार्रवाई पूरी होने के बाद प्रशासन ने जमीन पर ‘सरकारी संपत्ति’ का बोर्ड लगाकर सीमांकन किया। बताया जा रहा है कि इस जगह पर भविष्य में सामुदायिक केंद्र या सार्वजनिक पार्क विकसित करने की योजना है।
इस अभियान के दौरान प्रशासन की टीम ने आसपास के इलाकों का भी निरीक्षण किया और अन्य अतिक्रमण की पहचान की। अधिकारियों ने कहा कि यह अभियान जिले के अन्य हिस्सों में भी जारी रहेगा।
इस कार्रवाई ने एक ओर जहां प्रशासनिक सख्ती का संदेश दिया है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित परिवारों की स्थिति ने मानवीय संवेदना और पुनर्वास नीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
Akshansh Report



