*दक्षिण कोरिया के पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को मार्शल लॉ से जुड़े मामले
पांच साल की सजा सुनाई गई है। यह फैसला दक्षिण कोरिया के इतिहास में मार्शल लॉ से जुड़ा पहला बड़ा न्यायिक निर्णय माना जा रहा है।

जस्ट एक्शन न्यूज :
निरुपमा पाण्डेय :
मामला क्या है?
दक्षिण कोरिया के सीओल सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने पूर्व राष्ट्रपति यून सुक योल को मार्शल लॉ लागू करने और उससे जुड़ी अन्य गंभीर आपराधिक कार्रवाइयों के आरोप में 5 साल की कारावास की सजा सुनाई है। यह निर्णय आज शुक्रवार को आया है।
अदालत ने पाया कि यून ने:
कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन करते हुए 3 दिसंबर 2024 को मार्शल लॉ लागू करने का प्रयास किया।
गुप्त दस्तावेजों को फर्जी तरीके से तैयार और नष्ट किया।
जांचकर्ताओं के द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट को अवरुद्ध किया और सुरक्षा बलों का दुरुपयोग किया।
कैबिनेट के बॉटम लेवल पर बैठक करके संवैधानिक प्रक्रियाओं को दरकिनार किया।
यह मामला मार्शल लॉ लागू करने के फैसले से जुड़ा पहला बड़ा कोर्ट निर्णय है, और इसे दक्षिण कोरिया की राजनीति और न्याय व्यवस्था के लिए एक बड़ा मुकाम माना जा रहा है।
अन्य मुद्दे और पेंडिंग केस
🔹 यून सुक योल पर कुल आठ अलग-अलग मामलों के आरोप चल रहे हैं, जिनमें से यह पहला फैसला है।
🔹 इसके अलावा एक बड़ी बगावत (insurrection) से जुड़ा मामला भी है, जिसमें फांसी या आजीवन कारावास की मांग की गई है और इस पर फरवरी 2026 में फैसला होने की संभावना है।
पृष्ठभूमि
यून सुक योल ने 2024 के अंत में मार्शल लॉ लागू करने की कोशिश की थी, जिसे भारी विरोध और संसद द्वारा कुछ ही घंटों में निरस्त कर दिया गया था। इसके बाद उन्हें महाभियोग (impeachment) के तहत 2025 में पद से हटा दिया गया और गिरफ्तार कर लिया गया था।
सजा का असर:
यह फैसला न केवल पूर्व राष्ट्रपति के लिए बड़ा झटका है बल्कि दक्षिण कोरिया में लोकतांत्रिक सिद्धांतों को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण न्यायिक कदम भी माना जा रहा है।



