
जयपुर/राजस्थान/ पंचायत चुनाव से पहले चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने की तैयारी है। चुनाव आयोग और संबंधित विभाग ऐसे प्रत्याशियों पर सख्त कार्रवाई की योजना बना रहे हैं, जो निर्धारित समय में चुनाव खर्च का ब्योरा जमा नहीं करेंगे। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत खर्च विवरण नहीं देने वाले उम्मीदवारों को तीन साल तक चुनाव लड़ने से रोका जा सकता है।
अधिकारियों के अनुसार, पंचायत चुनावों में लंबे समय से यह शिकायत मिलती रही है कि कई प्रत्याशी खर्च की सही जानकारी नहीं देते या तय सीमा से अधिक खर्च कर भी उसका हिसाब जमा नहीं करते। इससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं। इसी को देखते हुए नियमों के सख्त पालन की तैयारी की जा रही है।
सूत्र बताते हैं कि इस कदम से हजारों संभावित प्रत्याशियों पर अयोग्यता का खतरा मंडरा रहा है, क्योंकि पिछली चुनाव प्रक्रियाओं में बड़ी संख्या में उम्मीदवारों ने खर्च का ब्योरा अधूरा या देर से दिया था। नए दिशा-निर्देश लागू होने पर ऐसे उम्मीदवारों की स्क्रूटनी कड़ी होगी।
प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि प्रत्याशियों को खर्च विवरण जमा करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यम उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि किसी को असुविधा न हो। तय समय-सीमा में विवरण न देने पर नोटिस जारी किया जाएगा, और फिर भी अनुपालन न होने पर प्रतिबंध की कार्रवाई होगी।
जानकारों का मानना है कि यह फैसला पंचायत चुनावों में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन को मजबूत करेगा। वहीं, राजनीतिक हलकों में इसे लेकर हलचल तेज है और कई संभावित उम्मीदवार अब से ही अपने खर्च के दस्तावेज दुरुस्त करने में जुट गए हैं।
Poonam Report



