
नई दिल्ली
केंद्रीय वित्त मंत्री ने Union Budget 2026 पेश करते हुए देश की अर्थव्यवस्था की दिशा और सरकार की प्राथमिकताओं को साफ कर दिया है। इस बजट में सरकार की आमदनी (Revenue) से लेकर खर्च (Expenditure) तक, हर एक रुपये का स्पष्ट खाका सामने रखा गया है। आइए आंकड़ों के जरिए समझते हैं कि सरकार को पैसा कहां से मिलता है और वह उसे किन-किन मदों में खर्च करती है।
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सरकार की कमाई कहां से आती है?
केंद्र सरकार की कुल आय मुख्य रूप से दो हिस्सों में बंटी होती है—कर राजस्व (Tax Revenue) और गैर-कर राजस्व (Non-Tax Revenue)।
1. कर राजस्व
इनकम टैक्स: वेतनभोगी और कारोबारियों से मिलने वाला टैक्स सरकार की बड़ी आय का स्रोत बना हुआ है।
कॉरपोरेट टैक्स: कंपनियों से मिलने वाला टैक्स भी बजट की रीढ़ माना जाता है।
GST (वस्तु एवं सेवा कर): केंद्र और राज्यों के बीच साझा होने वाला यह टैक्स लगातार मजबूत होता जा रहा है।
कस्टम और एक्साइज ड्यूटी: आयात-निर्यात और पेट्रोल-डीजल जैसे उत्पादों से मिलने वाला कर।
2. गैर-कर राजस्व
सरकारी कंपनियों से डिविडेंड
लाइसेंस फीस और ब्याज आय
स्पेक्ट्रम नीलामी और विनिवेश से प्राप्त रकम
Budget 2026 में सरकार ने कर संग्रह में स्थिर लेकिन यथार्थवादी वृद्धि का अनुमान रखा है, ताकि राजकोषीय घाटे को नियंत्रण में रखा जा सके।
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सरकार खर्च कहां करती है?
सरकार का कुल खर्च भी दो प्रमुख हिस्सों में बंटा है—राजस्व व्यय और पूंजीगत व्यय।
1. राजस्व व्यय (Revenue Expenditure)
सब्सिडी: खाद्य, उर्वरक और पेट्रोलियम सब्सिडी
सरकारी कर्मचारियों का वेतन और पेंशन
ब्याज भुगतान: पुराने कर्ज पर दिया जाने वाला ब्याज
2. पूंजीगत व्यय (Capital Expenditure)
सड़क, रेलवे और इंफ्रास्ट्रक्चर
डिफेंस और रेलवे में निवेश
स्वास्थ्य, शिक्षा और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाएं
इस बजट में सरकार ने पूंजीगत खर्च पर विशेष जोर दिया है, ताकि रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को रफ्तार मिल सके।
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घाटा और कर्ज का क्या है हिसाब?
राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit): सरकार ने इसे GDP के एक सीमित प्रतिशत तक रखने का लक्ष्य तय किया है।
सरकारी कर्ज: बजट में कर्ज को धीरे-धीरे कम करने और आर्थिक स्थिरता बनाए रखने की रणनीति दिखाई गई है।
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आम जनता के लिए क्या मायने?
Union Budget 2026 का सीधा असर
मध्यम वर्ग,
किसानों,
युवाओं और नौकरीपेशा लोगों
पर पड़ता है। टैक्स नीति में संतुलन, विकास योजनाओं में निवेश और घाटे पर नियंत्रण—इन तीनों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश इस बजट में साफ दिखती है।
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कुल मिलाकर, Budget 2026 सरकार की कमाई और खर्च के बीच संतुलन साधने की कोशिश है, जहां विकास, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक अनुशासन—तीनों को साथ लेकर चलने का रोडमैप पेश किया गया है।
Poonam Report



