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पैनिक सेलिंग क्या होती है, जिससे आज शेयर बाजार में मचा हाहाकार?

अब आगे क्या होगा?

नई दिल्ली।

आज शेयर बाजार में भारी गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में तेज़ बिकवाली के चलते निवेशकों के लाखों करोड़ रुपये डूब गए। बाजार में इस अचानक आई गिरावट की सबसे बड़ी वजह “पैनिक सेलिंग” मानी जा रही है। सवाल यह है कि पैनिक सेलिंग होती क्या है, और आगे बाजार का रुख कैसा रह सकता है?
क्या होती है पैनिक सेलिंग?

पैनिक सेलिंग वह स्थिति होती है, जब निवेशक डर या अनिश्चितता के माहौल में बिना ज्यादा सोच-विचार किए अपने शेयर बेचने लगते हैं। यह डर किसी बड़ी वैश्विक घटना, आर्थिक आंकड़ों, युद्ध जैसे हालात, ब्याज दरों में बदलाव, विदेशी निवेशकों की बिकवाली या किसी बड़ी कंपनी से जुड़ी नकारात्मक खबर की वजह से पैदा हो सकता है।
जब एक साथ बड़ी संख्या में निवेशक शेयर बेचने लगते हैं, तो बाजार में गिरावट और तेज हो जाती है, जिसे पैनिक सेलिंग कहा जाता है।
आज बाजार में हाहाकार क्यों मचा?

विशेषज्ञों के मुताबिक आज की गिरावट के पीछे कई कारण रहे—
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत
विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की ताबड़तोड़ बिकवाली
महंगाई और ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंताएं
बड़े शेयरों में मुनाफावसूली
इन सभी कारणों ने मिलकर निवेशकों का भरोसा कमजोर किया और पैनिक सेलिंग शुरू हो गई।
किन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा असर
?
आज की गिरावट में बैंकिंग, आईटी, मेटल और ऑटो सेक्टर के शेयर सबसे ज्यादा टूटे। कई दिग्गज कंपनियों के शेयर दिन के निचले स्तर पर बंद हुए।
अब आगे क्या?

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी गिरावट के दौरान घबराने की बजाय धैर्य रखना जरूरी है। पैनिक सेलिंग अक्सर अस्थायी होती है।
अगर वैश्विक हालात में सुधार आता है तो बाजार में रिकवरी संभव है।
लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट खरीदारी का मौका भी बन सकती है।
हालांकि, शॉर्ट टर्म में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
निवेशकों के लिए सलाह

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बिना ठोस वजह के शेयर बेचने से बचें, अफवाहों पर भरोसा न करें और अपने निवेश लक्ष्यों के अनुसार ही फैसले लें।
( निरुपमा पाण्डेय,
जस्ट एक्शन न्यूज
)

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