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Uttarakhand: प्रदेश में 1 अप्रैल से नई बिजली दरें लागू करने का प्रस्ताव, 18 फरवरी से चार शहरों में जनसुनवाई

उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रदेश में 1 अप्रैल से नई बिजली दरें लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव को लेकर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) की ओर से 18 फरवरी से चार शहरों में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, जिसमें आम लोग अपनी राय और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।

—Uttarakhand: प्रदेश में 1 अप्रैल से नई बिजली दरें लागू करने का प्रस्ताव, 18 फरवरी से चार शहरों में जनसुनवाई उत्तराखंड में बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ा अपडेट सामने आया है। प्रदेश में 1 अप्रैल से नई बिजली दरें लागू करने का प्रस्ताव रखा गया है। इस प्रस्ताव को लेकर उत्तराखंड विद्युत नियामक आयोग (यूईआरसी) की ओर से 18 फरवरी से चार शहरों में जनसुनवाई आयोजित की जाएगी, जिसमें आम लोग अपनी राय और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। — चार शहरों में होगी जनसुनवाई प्रस्तावित नई बिजली दरों को लेकर आयोग द्वारा अलग-अलग शहरों में ओपन पब्लिक हियरिंग कराई जाएगी। इन जनसुनवाइयों में— घरेलू उपभोक्ता व्यावसायिक उपभोक्ता उद्योग प्रतिनिधि सामाजिक संगठन अपनी बात रख सकेंगे। जनसुनवाई के बाद ही नई दरों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। — क्यों बदली जा सकती हैं बिजली दरें? बिजली कंपनियों का कहना है कि— उत्पादन और वितरण लागत में वृद्धि मेंटेनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च घाटे की भरपाई जैसे कारणों के चलते दरों में संशोधन जरूरी हो गया है। हालांकि अंतिम निर्णय जनता की राय को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा। — उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर? यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो: घरेलू बिजली बिल में बदलाव संभव व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर भी असर कुछ श्रेणियों में राहत, तो कुछ में बढ़ोतरी की संभावना फिलहाल दरों में कितनी बढ़ोतरी या कटौती होगी, यह स्पष्ट नहीं किया गया है। — उपभोक्ताओं को दी गई सलाह जनसुनवाई की तारीख और स्थान की जानकारी रखें अपनी आपत्ति या सुझाव लिखित रूप में तैयार रखें बिजली बिल और खर्च से जुड़े तथ्यों के साथ पक्ष रखें — अब सभी की नजरें जनसुनवाई और आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इन बैठकों के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि 1 अप्रैल से उपभोक्ताओं को कितनी राहत मिलेगी या कितना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। Poonam report

चार शहरों में होगी जनसुनवाई

प्रस्तावित नई बिजली दरों को लेकर आयोग द्वारा अलग-अलग शहरों में ओपन पब्लिक हियरिंग कराई जाएगी। इन जनसुनवाइयों में—

घरेलू उपभोक्ता

व्यावसायिक उपभोक्ता

उद्योग प्रतिनिधि

सामाजिक संगठन

अपनी बात रख सकेंगे। जनसुनवाई के बाद ही नई दरों पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

क्यों बदली जा सकती हैं बिजली दरें?

बिजली कंपनियों का कहना है कि—

उत्पादन और वितरण लागत में वृद्धि

मेंटेनेंस और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़ता खर्च

घाटे की भरपाई

जैसे कारणों के चलते दरों में संशोधन जरूरी हो गया है। हालांकि अंतिम निर्णय जनता की राय को ध्यान में रखकर ही लिया जाएगा।

उपभोक्ताओं पर क्या पड़ेगा असर?

यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो:

घरेलू बिजली बिल में बदलाव संभव

व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं पर भी असर

कुछ श्रेणियों में राहत, तो कुछ में बढ़ोतरी की संभावना

फिलहाल दरों में कितनी बढ़ोतरी या कटौती होगी, यह स्पष्ट नहीं किया गया है।

उपभोक्ताओं को दी गई सलाह

जनसुनवाई की तारीख और स्थान की जानकारी रखें

अपनी आपत्ति या सुझाव लिखित रूप में तैयार रखें

बिजली बिल और खर्च से जुड़े तथ्यों के साथ पक्ष रखें

अब सभी की नजरें जनसुनवाई और आयोग के अंतिम फैसले पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि इन बैठकों के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि 1 अप्रैल से उपभोक्ताओं को कितनी राहत मिलेगी या कितना अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।

Poonam report

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