Border 2 Movie Review: सनी देओल की एक्टिंग मस्त,
लेकिन कहानी और नए चेहरे दर्शकों को नहीं आए रास

लखनऊ।
1997 में आई सुपरहिट देशभक्ति फिल्म बॉर्डर के सीक्वल बॉर्डर-2 से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं। सनी देओल की दमदार वापसी, देशभक्ति का जोश और युद्ध के जज़्बे को फिर से परदे पर देखने की चाह थी, लेकिन फिल्म रिलीज़ के बाद दर्शकों की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आ रही है।
फिल्म में सनी देओल एक बार फिर अपने पुराने अंदाज़ में नजर आते हैं। उनका जोशीला डायलॉग डिलीवरी, आक्रामक तेवर और देश के लिए जान लुटाने वाला किरदार दर्शकों को पसंद आया है। कई दर्शकों का कहना है कि “अगर फिल्म में जान है, तो सिर्फ सनी देओल की वजह से।”
हालांकि, फिल्म की सबसे बड़ी कमजोरी इसकी कहानी मानी जा रही है। दर्शकों का कहना है कि बॉर्डर-2 की स्क्रिप्ट में नयापन नहीं है और कहानी काफी हद तक पुरानी फिल्म की याद दिलाती है। युद्ध के सीन भले ही बड़े पैमाने पर फिल्माए गए हों, लेकिन उनमें भावनात्मक गहराई की कमी महसूस की गई।
फिल्म में नए कलाकारों की एक्टिंग भी दर्शकों को खास प्रभावित नहीं कर पाई। सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने लिखा कि “बॉर्डर-2 में नए चेहरों की परफॉर्मेंस कमजोर है, जिससे फिल्म का असर कम हो जाता है।” वहीं कुछ दर्शकों का कहना है कि सहायक कलाकार अपने किरदारों में पूरी तरह ढल नहीं पाए।
म्यूजिक की बात करें तो फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर ठीक-ठाक है, लेकिन संदेशे आते हैं जैसा कोई यादगार गाना इस बार नजर नहीं आता। यही वजह है कि फिल्म दर्शकों के दिल में गहरी छाप छोड़ने में नाकाम रही।
कुल मिलाकर, बॉर्डर-2 सनी देओल के फैंस के लिए एक बार देखने लायक हो सकती है, लेकिन जो दर्शक एक मजबूत कहानी, भावनात्मक जुड़ाव और यादगार किरदारों की उम्मीद लेकर थिएटर पहुंचे हैं, उन्हें निराशा हाथ लग सकती है।
रिपोर्ट: निरुपमा पाण्डेय
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