
उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश के साढ़े नौ लाख परिवारों के लिए नई राहत योजना का ऐलान किया है। इसके तहत इस महीने से हर परिवार को बदले में चावल नहीं बल्कि पांच किलो गेहूं प्रदान किया जाएगा। यह बदलाव राज्य के सरकारी वितरण प्रणाली (PDS) में किया गया है और इसका उद्देश्य लोगों को पोषण और अनाज की बेहतर गुणवत्ता उपलब्ध कराना है।
जानकारी के मुताबिक, पिछले वर्षों में परिवारों को चावल वितरण किया जाता रहा है। अब इस नई व्यवस्था से लोगों को गेहूं मिलने से खाने-पीने की विविधता बढ़ेगी और उन्हें पोषण संबंधी लाभ भी मिलेगा। प्रशासन ने यह भी कहा कि योजना के तहत सभी पात्र परिवारों तक गेहूं समय पर पहुंचे, इसके लिए सभी जिलों में वितरण केंद्रों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
संबंधित अधिकारीयों का कहना है कि वितरण प्रक्रिया को डिजिटल मॉनिटरिंग के तहत रखा जाएगा, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी या देरी न हो। योजना का उद्देश्य है कि हर परिवार को पर्याप्त अनाज मिले और भूखमरी या खाद्य असुरक्षा के मामलों को न्यूनतम किया जा सके।
प्रदेशवासियों ने इस फैसले का स्वागत किया है और कहा कि इससे परिवारों की दैनिक जरूरतें बेहतर तरीके से पूरी होंगी।
Poonam Report



