अब इस राज्य में बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन पर विचार, मशहूर टूरिस्ट स्टेट ले पाएगा ये फैसला?

देश के एक मशहूर टूरिस्ट स्टेट में बच्चों और किशोरों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाने या कड़े नियम लागू करने को लेकर गंभीर विचार शुरू हो गया है। बढ़ते स्क्रीन टाइम, मानसिक स्वास्थ्य पर असर और ऑनलाइन कंटेंट को लेकर सरकार की चिंता अब नीति स्तर तक पहुंच गई है।
क्यों उठी सोशल मीडिया बैन की मांग
हाल के महीनों में सामने आए आंकड़ों और रिपोर्ट्स के अनुसार, कम उम्र के बच्चों में
मोबाइल और सोशल मीडिया की लत
पढ़ाई पर असर
मानसिक तनाव और व्यवहार में बदलाव
जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ी हैं। इन्हीं कारणों से राज्य सरकार बच्चों की सुरक्षा को लेकर कड़ा कदम उठाने पर मंथन कर रही है।
क्या हो सकते हैं प्रस्तावित नियम
सूत्रों के मुताबिक, सरकार पूर्ण बैन के बजाय कुछ विकल्पों पर विचार कर रही है, जैसे—
18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर उम्र सीमा का सख्त पालन
पैरेंटल कंट्रोल को अनिवार्य करना
स्कूल समय में सोशल मीडिया एक्सेस पर रोक
हानिकारक और भ्रामक कंटेंट पर सख्त निगरानी
टूरिस्ट स्टेट होने की वजह से चुनौती
यह राज्य पर्यटन के लिए देश-विदेश में मशहूर है। ऐसे में सरकार के सामने चुनौती यह भी है कि डिजिटल पाबंदियों का असर पर्यटन, युवाओं और डिजिटल कारोबार पर न पड़े। इसी वजह से फैसला लेने से पहले सभी पक्षों की राय ली जा रही है।
लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रिया
इस प्रस्ताव को लेकर समाज में मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
अभिभावक इस कदम का समर्थन कर रहे हैं
वहीं युवा वर्ग इसे व्यक्तिगत आज़ादी से जोड़कर देख रहा है
आगे क्या
फिलहाल सरकार ने साफ किया है कि अंतिम फैसला लेने से पहले विशेषज्ञों, शिक्षाविदों और पैरेंट्स से चर्चा की जाएगी। अगर यह फैसला लागू होता है, तो यह देश में बच्चों के लिए सोशल मीडिया को लेकर एक बड़ी मिसाल बन सकता है।
Poonam Report



