
कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए चुनाव आयोग को पत्र लिखा है। पार्टी ने आरोप लगाया है कि फार्म-7 के दुरुपयोग के जरिए मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाने की कोशिशें हो रही हैं, जिससे मताधिकार खतरे में पड़ सकता है। कांग्रेस ने इसे लोकतंत्र की जड़ों पर चोट बताते हुए चुनाव आयोग से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।
क्या है फार्म-7
फार्म-7 का उपयोग मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए किया जाता है। आमतौर पर इसका प्रयोग
मतदाता की मृत्यु
स्थायी रूप से स्थान परिवर्तन
दोहरी एंट्री
जैसे मामलों में किया जाता है। कांग्रेस का आरोप है कि इस प्रक्रिया का गलत और मनमाना इस्तेमाल कर वैध मतदाताओं के नाम हटवाए जा रहे हैं।
कांग्रेस का आरोप
कांग्रेस ने अपने पत्र में कहा है कि
कई जगहों पर बड़ी संख्या में फार्म-7 जमा किए गए
प्रभावित मतदाताओं को न तो सूचना दी गई, न ही सुनवाई का मौका मिला
चुनाव से ठीक पहले नाम हटाने की कोशिशें संदेह पैदा करती हैं
पार्टी का दावा है कि इससे खास वर्ग और क्षेत्रों के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है।
मताधिकार पर खतरे की चेतावनी
कांग्रेस ने चुनाव आयोग को आगाह करते हुए कहा कि
अगर इस तरह की प्रक्रियाएं नहीं रोकी गईं, तो निष्पक्ष चुनाव पर सवाल खड़े होंगे
आम नागरिक का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक अधिकार प्रभावित होगा
चुनावी पारदर्शिता और भरोसे को नुकसान पहुंचेगा
पार्टी ने इसे सिर्फ प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक संकट बताया है।
चुनाव आयोग से क्या मांग
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से मांग की है कि
फार्म-7 के सभी मामलों की स्वतंत्र और समयबद्ध जांच कराई जाए
बिना उचित सत्यापन किसी भी नाम को मतदाता सूची से न हटाया जाए
प्रभावित मतदाताओं को स्पष्ट सूचना और अपील का अधिकार दिया जाए
चुनाव से पहले मतदाता सूची की विशेष समीक्षा की जाए
विपक्ष का समर्थन
कांग्रेस के इस कदम के बाद अन्य विपक्षी दलों ने भी चिंता जताई है। कई नेताओं का कहना है कि
मतदाता सूची में पारदर्शिता जरूरी है
किसी भी तरह की गड़बड़ी चुनावी निष्पक्षता पर असर डालती है
इस मुद्दे पर संसद और सार्वजनिक मंचों पर भी बहस तेज होने के संकेत हैं।
चुनावी प्रक्रिया पर सवाल
विशेषज्ञों का मानना है कि
चुनाव से पहले मतदाता सूची में बड़े बदलाव संवेदनशील मुद्दा होते हैं
हर शिकायत का निष्पक्ष और दस्तावेजी निपटारा जरूरी है
यदि समय रहते स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो चुनावी माहौल और अधिक गरमा सकता है।
आगे की राह
अब सबकी नजर चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया पर है।
आयोग क्या जांच के आदेश देता है
क्या अतिरिक्त दिशा-निर्देश जारी किए जाते हैं
और मतदाता सूची को लेकर भरोसा कैसे बहाल किया जाता है
यह मामला आने वाले चुनावों से पहले लोकतंत्र और मताधिकार की सुरक्षा को लेकर अहम माना जा रहा है।
Poonam Report



