जून में पूरा होना था काम, 5 लाख लोग रोज झेल रहे जाम

आगरा/उत्तर प्रदेश/-शहर में चल रही एक प्रमुख सड़क/इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजना का काम जून तक पूरा होना था, लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद निर्माण अधूरा है। इसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। रोज़ाना करीब 5 लाख लोग भारी जाम की समस्या से जूझ रहे हैं, जिससे शहर की रफ्तार थम सी गई है।
सुबह और शाम के पीक ऑवर्स में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। कई-कई किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। दफ्तर जाने वाले कर्मचारियों, स्कूल-कॉलेज के छात्रों, व्यापारियों और मरीजों को घंटों फंसे रहना पड़ रहा है। एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपात सेवाओं को भी रास्ता निकालने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अधूरे निर्माण कार्य के चलते जगह पर जगह-जगह खुले गड्ढे, टूटी सड़कें और अव्यवस्थित बैरिकेडिंग बनी हुई है। कई स्थानों पर न तो सही संकेतक लगाए गए हैं और न ही वैकल्पिक मार्गों की स्पष्ट व्यवस्था की गई है। इससे वाहन चालकों में भ्रम की स्थिति बनी रहती है और जाम और ज्यादा बढ़ जाता है।
व्यापारियों का आरोप है कि जाम के कारण बाजारों में ग्राहक कम आ रहे हैं, जिससे रोज़ाना का कारोबार प्रभावित हो रहा है। वहीं स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को समय पर पहुंचना मुश्किल हो गया है। लोग रोज़ाना मानसिक तनाव और ईंधन की अतिरिक्त खपत से भी परेशान हैं।
प्रशासन की ओर से कई बार काम जल्द पूरा करने के दावे किए गए, लेकिन ज़मीनी हकीकत अब भी वैसी ही बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी कारणों और संसाधनों की कमी से देरी हुई है, हालांकि जनता इन दलीलों से संतुष्ट नहीं दिख रही।
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए, ठेकेदारों की जवाबदेही तय हो और अस्थायी ट्रैफिक व्यवस्था को तत्काल सुधारा जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
Akshansh Report



