भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर भारत का पहला आधिकारिक बयान –

Report: Nirupam pandey:
: Just action news:
नई दिल्ली,
भारत और अमेरिका के बीच जारी व्यापार समझौता (India-US Trade Deal) को लेकर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आज अपना पहला स्पष्ट बयान जारी किया है। उन्होंने कहा कि यह सबसे अच्छी डील है जो भारत को किसी दूसरे देश के साथ मिली है, और खासकर कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है।
गोयल ने बताया कि यह समझौता भारत के राष्ट्रीय हितों के अनुरूप है और इसमें किसानों, डेयरी उत्पादकों और अन्य संवेदनशील वर्गों के हितों से कोई समझौता नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बातचीत में यह सुनिश्चित किया गया कि “किसान और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को कोई नुकसान न पहुंचे।”
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह अमेरिका के साथ अब तक की सबसे बेहतर और मजबूत डील है — भारत को पड़ोसी देशों की तुलना में इससे ज्यादा लाभ मिलेगा। गोयल ने कहा कि भारत को अपनी शर्तों पर यह समझौता मिला है और कृषि-डेयरी जैसे संवेदनशील सेक्टर पूरी तरह सुरक्षित हैं।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका ने भारतीय सामान पर टैरिफ में कटौती की घोषणा की है, जिससे भारतीय निर्यातकों को फायदा मिलेगा और दोनों देशों के बीच व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। अमेरिकी टैरिफ दर को घटाकर 25% से करीब 18% कर दिया गया है, जिससे “मेड इन इंडिया” वस्तुओं को अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा।
सरकार के बयान के अनुसार इस डील से एमएसएमई, टेक्सटाइल, आई.टी., चमड़ा और मशीनरी जैसे सेक्टरों को भी बड़े अवसर मिलेंगे, जिससे रोजगार और निर्यात को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया में, कई सांसदों और नेताओं ने भी इस समझौते की सराहना की है और इसे भारत की वैश्विक भूमिका बढ़ाने वाला बताया है, जबकि कुछ विपक्षी पार्टियाँ स्पष्टीकरण की मांग कर रही हैं कि संवेदनशील क्षेत्रों के लाभ और सीमाएँ क्या होंगे।
केंद्रीय वाणिज्य मंत्री ने कहा कि यह डील भारत-अमेरिका रिश्तों को नई ऊँचाइयों पर ले जाएगी, और दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रणनीतिक साझेदारी को और मजबूती मिलेगी।



