बस्तर अब माओवादी हिंसा नहीं, विकास और आत्मविश्वास के लिए जाना जाता है: PM मोदी

रिपोर्ट: निरुपमा पाण्डेय:
: जस्ट एक्शन न्यूज:
नई दिल्ली
। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बस्तर को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि आज बस्तर की पहचान माओवादी हिंसा नहीं, बल्कि विकास, शांति और आत्मविश्वास से हो रही है। पीएम मोदी ने कहा कि केंद्र सरकार और राज्य सरकार के साझा प्रयासों से बस्तर जैसे दूरदराज़ इलाकों में हालात तेजी से बदले हैं और आम लोगों का भरोसा लोकतंत्र पर मजबूत हुआ है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि एक समय था जब बस्तर का नाम आते ही हिंसा, डर और पिछड़ेपन की तस्वीर सामने आती थी, लेकिन आज वही बस्तर सड़क, बिजली, शिक्षा, स्वास्थ्य और डिजिटल कनेक्टिविटी के क्षेत्र में नए उदाहरण पेश कर रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों की सतर्कता और विकास योजनाओं की ईमानदार ज़मीनी क्रियान्वयन ने माओवाद की कमर तोड़ दी है।
पीएम मोदी ने बस्तर के युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि आज के युवा पढ़ाई, खेल, स्टार्टअप और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। सरकार की योजनाओं का लाभ अब सीधे आदिवासी समाज तक पहुंच रहा है, जिससे उनके जीवन स्तर में उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि बस्तर में अब स्कूल खुल रहे हैं, अस्पताल बन रहे हैं, मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट पहुंच रहा है, जिससे लोग मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं। ‘विकास ही स्थायी समाधान है’—इस मंत्र के साथ सरकार आगे बढ़ रही है।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सुरक्षा बलों, स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि जनभागीदारी के बिना यह बदलाव संभव नहीं था। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में बस्तर छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए विकास का मॉडल बनेगा।
प्रधानमंत्री के इस बयान को बस्तर में बदलते हालात और सरकार की माओवादी उन्मूलन नीति की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।



