पुलवामा के बलिदानियों को नमन: सात साल बाद भी जख्म हरे, सिहर उठते हैं CRPF जवानों के परिवार; कैसे हैं हालात?

पुलवामा में हुए आतंकी हमले को सात वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन शहीद जवानों के परिवारों के लिए वह दिन आज भी गहरे दर्द की याद दिलाता है। देशभर में शहीदों को श्रद्धांजलि दी जा रही है और उनके बलिदान को नमन किया जा रहा है।
परिवारों की भावनाएं
Central Reserve Police Force (CRPF) के शहीद जवानों के परिजनों का कहना है कि समय बीतने के साथ जीवन आगे जरूर बढ़ा है, लेकिन अपनों की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती। कई परिवार आज भी उस घटना को याद कर भावुक हो उठते हैं।
सरकार और समाज का सहयोग
हमले के बाद केंद्र और राज्य सरकारों की ओर से शहीद परिवारों के लिए आर्थिक सहायता, नौकरी और अन्य सुविधाएं प्रदान की गईं। समाज के विभिन्न वर्गों ने भी सहयोग के लिए आगे आकर समर्थन दिया।
बदली सुरक्षा व्यवस्था
घटना के बाद सुरक्षा ढांचे में कई अहम बदलाव किए गए। काफिला मूवमेंट के नियम सख्त किए गए, खुफिया समन्वय बढ़ाया गया और तकनीकी निगरानी को मजबूत किया गया। सुरक्षा एजेंसियां अब संयुक्त रणनीति के तहत काम कर रही हैं।
यादों के साथ आगे बढ़ते कदम
हर वर्ष शहीदों की पुण्यतिथि पर स्मृति कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। स्कूलों, संस्थानों और सुरक्षा बलों के कैंपों में श्रद्धांजलि सभाएं होती हैं, जहां देश उनके साहस और बलिदान को याद करता है।
सात साल बाद भी वह घटना देश की सामूहिक स्मृति में दर्ज है। शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र सेवा और कर्तव्यनिष्ठा की प्रेरणा देता रहेगा। Poonam Report



