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यूपी के परिषदीय स्कूलों में चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम होगा मजबूत, योगी सरकार ने मंजूर किया 6.55 करोड़ का बजट

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लखनऊ, 12 सितंबर 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों में बच्चों से जुड़ी जानकारी की निगरानी और स्कूल प्रबंधन को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए डिजिटल सिस्टम को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। वर्ष 2026-27 में एमआईएस (यू-डायस प्लस) और चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के प्रभावी संचालन के लिए कुल 6.55 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।

एमआईएस और चाइल्ड ट्रैकिंग के लिए अलग-अलग बजट

निर्धारित 655.01 लाख रुपये में से 262 लाख रुपये एमआईएस यानी यू-डायस प्लस के लिए और 393.01 लाख रुपये चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के लिए रखे गए हैं। यह धनराशि विद्यालय स्तर पर स्कूल प्रबंधन समिति (एसएमसी) के माध्यम से निर्धारित गतिविधियों में खर्च की जाएगी।

हर बच्चे की शैक्षिक स्थिति पर रखी जाएगी नजर

चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के जरिए विद्यार्थियों की शैक्षिक स्थिति और स्कूल से जुड़ी जानकारी को व्यवस्थित तरीके से ट्रैक करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही यू-डायस प्लस के आंकड़ों का इस्तेमाल बच्चों के नामांकन और शैक्षिक स्थिति की बेहतर निगरानी के लिए किया जाएगा।

अपार आईडी से जोड़ी जाएगी विद्यार्थियों की जानकारी

सरकार ने विद्यार्थियों की विशिष्ट अपार आईडी को चाइल्ड ट्रैकिंग सिस्टम के साथ जोड़ने पर भी जोर दिया है। इससे प्रत्येक विद्यार्थी की पहचान और उसकी शैक्षिक जानकारी को व्यवस्थित तरीके से ट्रैक करने में मदद मिलेगी।

जिला स्तर पर होगी खर्च की निगरानी

धनराशि के इस्तेमाल की निगरानी के लिए जिला स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गई हैं। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को एसएमसी के स्तर पर हुए खर्च की समीक्षा करने और निर्धारित पोर्टल पर उपलब्ध जानकारी के आधार पर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

स्कूल व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर

बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार संदीप सिंह के अनुसार, डिजिटल प्रणालियों के जरिए विद्यालयी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के साथ बच्चों की शैक्षिक प्रगति पर प्रभावी नजर रखने की कोशिश की जा रही है।

Poonam Report

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