लंपी बीमारी की रोकथाम के लिए यूपी के 25 जिलों में 606 टीमें तैनात

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पशुओं को लंपी स्किन डिजीज से बचाने के लिए पशुधन विभाग ने रोकथाम और नियंत्रण अभियान तेज कर दिया है। बीमारी से प्रभावित और संभावित क्षेत्रों में निगरानी, उपचार तथा टीकाकरण के लिए प्रदेश के 25 जनपदों में 606 टीमें तैनात की गई हैं।
पशुधन विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने अधिकारियों को रिंग वैक्सीनेशन, संक्रमित पशुओं को अलग रखने, मच्छर-मक्खी जैसे वाहक कीटों पर नियंत्रण, कीटाणुशोधन और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पशु चिकित्सकों की निर्धारित समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने और गांवों में शिविर लगाकर टीकाकरण अभियान को गति देने को कहा है।
विभाग की ओर से पशु सखी, पैरावेट और मैत्री को आवश्यक प्रशिक्षण देने के साथ टीकाकरण को व्यापक स्तर पर पूरा कराने पर जोर दिया जा रहा है। जनप्रतिनिधियों, पशुपालकों और गोशाला संचालकों के साथ जागरूकता बैठकें आयोजित कर बीमारी से बचाव के उपायों की जानकारी भी दी जा रही है। गो आश्रय स्थलों पर हरे चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग के अनुसार प्रदेश में अब तक 16 लाख 8 हजार 548 पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है, जबकि लंपी स्किन डिजीज से 9,003 पशुओं के प्रभावित होने की सूचना है। तैनात टीमें गांव-गांव जाकर पशुओं के स्वास्थ्य की निगरानी कर रही हैं और संदिग्ध मामलों की जानकारी मिलने पर पशु चिकित्सा टीमों को सक्रिय किया जा रहा है।
पशुपालकों को सलाह दी जा रही है कि वे पशुओं के आसपास साफ-सफाई रखें और मच्छर-मक्खी जैसे वाहक कीटों की रोकथाम करें। संक्रमित या संदिग्ध पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। पशुओं में बुखार, शरीर पर गांठें, त्वचा पर घाव या अन्य असामान्य लक्षण दिखाई देने पर तत्काल पशु चिकित्सक से जांच कराने की सलाह दी गई है।
विभाग ने पशुपालकों से समय पर टीकाकरण कराने और बीमारी के लक्षण सामने आने पर नजदीकी पशु चिकित्सालय या विभागीय टीम को सूचना देने की अपील की है।
Poonam Report



