लखनऊ में परिवहन कर्मचारियों का प्रदर्शन, 17 सूत्रीय मांगों को लेकर सौंपा ज्ञापन

लखनऊ। भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के आह्वान पर उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी संघ ने सोमवार को परिवहन निगम मुख्यालय के सामने धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारी कैसरबाग बस स्टेशन से रैली निकालकर परिवहन निगम मुख्यालय पहुंचे। संघ के अनुसार, प्रदर्शन में प्रदेश के 20 क्षेत्रों और 120 डिपो से करीब पांच हजार कर्मचारी शामिल हुए।
प्रदर्शन का नेतृत्व संघ के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने किया। इस दौरान भारतीय मजदूर संघ के क्षेत्रीय संगठन मंत्री अनुपम, प्रदेश अध्यक्ष बिशेश्वर राय, महामंत्री अनिल कुमार उपाध्याय और भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय महामंत्री राजू भाऊराव भालेराव समेत अन्य पदाधिकारियों ने कर्मचारियों को संबोधित किया।
कर्मचारियों ने परिवहन उद्योग और कर्मचारी हितों से जुड़ी 17 सूत्रीय मांगें रखीं। इनमें डग्गामार वाहनों पर रोक लगाने, परिवहन निगम की बसों पर लगने वाले अतिरिक्त करों में कमी करने, करीब एक हजार करोड़ रुपये के पूंजी अंशदान को माफ करने और निगम के लिए दो हजार करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की मांग शामिल है।
इसके अलावा नियमित कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भर्ती करने और 10 वर्ष से अधिक समय से काम कर रहे संविदा कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारियों ने निगम के लिए नई और इलेक्ट्रिक बसें उपलब्ध कराने तथा वेतन-भत्तों में वृद्धि से जुड़े मुद्दे भी सामने रखे।
प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार सिंह ने कहा कि अवैध बस संचालन से परिवहन निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा है। उन्होंने तेल की बढ़ी लागत से निगम पर करीब 400 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भार पड़ने की बात भी कही।
प्रदर्शन के बाद प्रदेश महामंत्री भारत भूषण ने 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन परिवहन निगम के प्रबंध निदेशक को सौंपा। प्रबंध निदेशक की ओर से ज्ञापन को केंद्र और प्रदेश सरकार को अपनी संस्तुति के साथ भेजने का आश्वासन दिया गया।
भारतीय परिवहन मजदूर महासंघ के अखिल भारतीय महामंत्री राजू भाऊराव भालेराव ने बताया कि परिवहन कर्मचारियों की मांगों को लेकर देशभर में परिवहन निगम मुख्यालयों पर ज्ञापन दिए जा रहे हैं। उन्होंने 18 नवंबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना-प्रदर्शन प्रस्तावित होने की भी जानकारी दी।
Poonam Report



