आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ने पर जोर, केशव मौर्य ने अनुसंधान और नवाचार की अपील की

लखनऊ। 11वें आयुर्वेद दिवस के अवसर पर बुधवार को गोमती नगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मर्करी हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत की प्राचीन चिकित्सा परंपरा आयुर्वेद के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इस विश्वास को और मजबूत करने के लिए अनुसंधान और प्रमाणिकता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि आयुर्वेद को आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ते हुए अनुसंधान, शिक्षा और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ भारत और स्वस्थ उत्तर प्रदेश के निर्माण में आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी और यूनानी सहित भारतीय चिकित्सा पद्धतियों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि वे एलोपैथी चिकित्सा पद्धति के विरोधी नहीं हैं और प्रत्येक चिकित्सा पद्धति की अपनी उपयोगिता है। उन्होंने आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों के बीच बेहतर समन्वय और ज्ञान के आदान-प्रदान पर जोर दिया, ताकि मरीजों को अधिक प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो सकें।
उन्होंने आयुर्वेद के क्षेत्र में उच्च स्तरीय संस्थानों के विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे भारतीय चिकित्सा पद्धति के प्रति लोगों का विश्वास मजबूत हुआ है। उन्होंने आयुर्वेद के विद्यार्थियों और भावी चिकित्सकों से अनुसंधान एवं नवाचार को आगे बढ़ाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में पद्मश्री से सम्मानित प्रो. मनोरंजन साहू, प्रो. चंद्रशेखर सिंह और प्रो. केके ठकराल का सम्मान किया गया। इसके अलावा योग कार्यक्रम, प्रतियोगिताओं, चिकित्सकों और जनपद स्तर पर बेहतर कार्य करने वालों को पुरस्कार तथा आयुष प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए। इस अवसर पर आयुष क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन पोर्टल का भी शुभारंभ किया गया।
राज्यमंत्री आयुष स्वतंत्र प्रभार दयाशंकर मिश्र दयालु ने कहा कि आयुर्वेद दिवस के अवसर पर स्वस्थ जीवनशैली का संदेश हर परिवार तक पहुंचाने और बच्चों व युवाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया जाना चाहिए। उन्होंने सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण और वैज्ञानिक प्रमाणों पर आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने पर जोर दिया।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार, महानिदेशक आयुष एवं निदेशक आयुष मिशन गौरी शंकर प्रियदर्शी, विशेष सचिव आयुष मदन सिंह गर्ब्याल, आयुर्वेद निदेशक डॉ. नारायण दास, होम्योपैथी निदेशक प्रमोद कुमार सिंह, यूनानी निदेशक प्रो. जमाल अख्तर समेत आयुष विभाग के अधिकारी, चिकित्सक, शिक्षक और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
Poonam Report



