पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का लिव-इन कपल को निर्देश, हर 15 दिन में थाने में पेश होना होगा

पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने जान और स्वतंत्रता की सुरक्षा की मांग लेकर पहुंचे एक लिव-इन कपल के मामले में दोनों को संबंधित थाना प्रभारी (SHO) के सामने हर 15 दिन में पेश होने का निर्देश दिया है। यह व्यवस्था कम से कम तीन महीने तक लागू रहेगी।
17 सितंबर को जस्टिस आलोक जैन ने दोनों याचिकाकर्ताओं से बातचीत के बाद यह आदेश पारित किया। कपल ने कुछ निजी लोगों से अपनी जान को खतरा बताते हुए पुलिस सुरक्षा की मांग की थी। सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से बताया गया कि 25 अगस्त को दी गई शिकायत की जांच हो चुकी है और महिला के माता-पिता के बयान भी दर्ज किए गए हैं। जांच में किसी खतरे की पुष्टि नहीं हुई थी।
अदालत ने महिला को निर्देश दिया कि वह रोज अपने माता-पिता से फोन पर बात करे और अपनी कुशलता की जानकारी देती रहे। यदि उसके माता-पिता को उसकी सुरक्षा या कुशलता को लेकर कोई आशंका होती है, तो वे संबंधित SHO से संपर्क कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में SHO को महिला की कुशलता की जांच और पुष्टि करने के निर्देश दिए गए हैं।
कोर्ट ने दोनों को अपने मोबाइल नंबर चालू रखने और अपना पता संबंधित थाना प्रभारी को उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है। अदालत ने दोनों की कम उम्र को ध्यान में रखते हुए ये अतिरिक्त सावधानियां तय कीं। आदेश में दोनों की सटीक उम्र का उल्लेख नहीं किया गया है।
Poonam Report.



