शामली, 15 अक्टूबर। उत्तर प्रदेश के शामली जिले में सोशल मीडिया पर मिले अलर्ट के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो युवकों को सुरक्षित बचा लिया। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो और संदेशों को खतरे का संकेत मानते हुए मेटा के सिस्टम ने पुलिस को सूचना दी। इसके बाद अलर्ट डीजीपी मुख्यालय के सोशल मीडिया सेंटर से शामली पुलिस तक पहुंचा और पुलिस टीमों ने तत्काल कार्रवाई की।
पहली घटना कैराना क्षेत्र की है। यहां एक निजी कंपनी में काम करने वाला युवक घरेलू विवाद के कारण मानसिक तनाव में था। 13 अक्टूबर की रात करीब 11 बजे उसने इंस्टाग्राम पर वीडियो स्टेटस साझा किया। सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और करीब सात मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर युवक को सुरक्षित बचा लिया।
दूसरी घटना थानाभवन क्षेत्र में हुई, जहां बीएससी की पढ़ाई कर रहे एक छात्र ने व्यक्तिगत विवाद के बाद इंस्टाग्राम पर वीडियो साझा किया। वीडियो में उसने अपनी जान देने की बात कही थी। मेटा से अलर्ट मिलने के बाद पुलिस टीम तुरंत सक्रिय हुई और करीब दस मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर छात्र को सुरक्षित बचा लिया।
पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऐसे अलर्ट पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। मेटा और उत्तर प्रदेश पुलिस के बीच समन्वय के माध्यम से संभावित खतरे की जानकारी पुलिस मुख्यालय तक पहुंचती है, जिसके बाद संबंधित जिले की पुलिस को सूचित किया जाता है।
इस घटना से स्पष्ट होता है कि सोशल मीडिया पर साझा की गई संकट संबंधी जानकारी समय रहते सामने आने पर पुलिस तत्काल सहायता पहुंचा सकती है। मानसिक तनाव या निजी परेशानियों से जूझ रहे लोगों को भी समय पर सहयोग और भावनात्मक समर्थन मिलना जरूरी है। परिवार, मित्रों और समाज के लोगों को ऐसे समय में संवेदनशीलता के साथ मदद के लिए आगे आना चाहिए।
Poonam Report.



