संघर्ष पर संघर्ष! तीन साल के इंतजार के बाद मिली सरकारी नौकरी, पहली सैलरी से खिले चेहरे
आजमगढ़ की डेंटल हाइजीनिस्ट मनीषा यादव बोलीं- शादीशुदा महिलाओं के लिए संघर्ष और भी कठिन

लखनऊ/आजमगढ़। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) द्वारा वर्ष 2023 में डेंटल हाइजीनिस्ट के पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया था। लंबी चयन प्रक्रिया के बाद वर्ष 2026 में 252 अभ्यर्थियों को नियुक्ति मिली। वर्तमान में सभी चयनित अभ्यर्थी प्रदेश के विभिन्न सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। पहली सैलरी मिलने के बाद चयनित अभ्यर्थियों में खुशी का माहौल है।
‘जस्ट एक्शन’ से विशेष बातचीत में आजमगढ़ में तैनात डेंटल हाइजीनिस्ट मनीषा यादव ने कहा, “2023 में भर्ती आई थी और 2026 में नियुक्ति मिली। यह तीन साल का सफर धैर्य, मेहनत और संघर्ष से भरा रहा। खासकर एक महिला और उससे भी अधिक एक शादीशुदा महिला के लिए परिवार की जिम्मेदारियों के साथ प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करना आसान नहीं होता।”

उन्होंने कहा, “इस पूरे सफर में मेरे माता-पिता का आशीर्वाद, मेरे पति का हर कदम पर मिला सहयोग और परिवार के साथ-साथ गुरुजनों, शुभचिंतकों तथा सभी शुभेच्छुओं का स्नेह और विश्वास मेरी सबसे बड़ी ताकत रहा। उन्हीं के प्रोत्साहन और आशीर्वाद से मैं इस मुकाम तक पहुंच सकी। यह उपलब्धि केवल मेरी नहीं, बल्कि उन सभी लोगों की है जिन्होंने हर कठिन समय में मेरा साथ दिया।”
मनीषा यादव ने भावुक होते हुए कहा, “उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के हाथों से नियुक्ति पत्र प्राप्त करना मेरे जीवन का सबसे यादगार पल था। अब पहली सैलरी मिलने के बाद ऐसा महसूस हो रहा है कि वर्षों की मेहनत और संघर्ष का फल मिल गया। मुख्यमंत्री जी के हाथों नियुक्ति पत्र और पहली तनख्वाह—ये दोनों पल मैं जीवनभर नहीं भूल पाऊंगी।”
उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा उनके लिए केवल रोजगार नहीं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले प्रत्येक मरीज को बेहतर दंत स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना उनकी पहली प्राथमिकता रहेगी।
गौरतलब है कि UPSSSC की इस भर्ती प्रक्रिया के तहत चयनित 252 अभ्यर्थियों को वर्ष 2026 में नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए थे। अब पहली सैलरी मिलने के साथ चयनित अभ्यर्थियों के सरकारी सेवा जीवन का एक नया अध्याय शुरू हो गया है।



