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रूस-फ्रांस ने दे दी राफेल, AMCA, Su-57 की कुंजी… अमेरिका के मुंह पर जोरदार तमाचा, पाकिस्तान की उड़ी नींद

रूस-फ्रांस ने दे दी राफेल, AMCA, Su-57 की कुंजी… अमेरिका के मुंह पर जोरदार तमाचा, पाकिस्तान की उड़ी नींद

नई दिल्ली। भारत की रक्षा शक्ति को और मजबूती मिलने जा रही है। रूस और फ्रांस ने मिलकर भारत को राफेल, AMCA और Su-57 फाइटर जेट तकनीक से जुड़ी अहम कुंजी और सहयोग सौंप दिया है। यह सौदा भारत के लिए न केवल रणनीतिक लिहाज से अहम है बल्कि इससे अमेरिका को भी सीधा झटका लगा है। वहीं, इस खबर से पाकिस्तान की चिंता कई गुना बढ़ गई है।

भारत को नई टेक्नोलॉजी की सौगात

फ्रांस ने राफेल जेट से जुड़ी उन्नत तकनीक भारत को साझा की है। इससे भारत की एयरोस्पेस इंडस्ट्री को बढ़ावा मिलेगा।

रूस ने Su-57 स्टील्थ फाइटर से संबंधित तकनीक भारत को उपलब्ध कराई है। यह पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान है, जो दुश्मन के राडार को चकमा देने में सक्षम है।

इन दोनों देशों के सहयोग से भारत का स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट (Advanced Medium Combat Aircraft) भी तेज रफ्तार पकड़ने वाला है।

अमेरिका पर सीधा झटका

अमेरिका लंबे समय से भारत पर अपने रक्षा सौदों और तकनीक को लेकर दबाव डालता रहा है। लेकिन रूस और फ्रांस की इस पेशकश के बाद भारत अब अमेरिका पर निर्भर नहीं रहेगा।

यह कदम अमेरिका की मोनोपॉली तोड़ता है।

वाशिंगटन की रक्षा कूटनीति को एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

पाकिस्तान की नींद उड़ गई

भारत के इस रणनीतिक लाभ का सीधा असर पाकिस्तान पर पड़ा है।

पाकिस्तान की वायुसेना अभी भी पुराने F-16 और JF-17 जैसे विमानों पर निर्भर है।

वहीं भारत के पास अब राफेल और Su-57 जैसी अत्याधुनिक तकनीक होगी।

इस खबर के बाद पाकिस्तानी रक्षा हलकों में गहरी चिंता और बेचैनी देखी जा रही है।

भारत की रक्षा क्षमता में क्रांति

इन सौदों के बाद भारत का स्वदेशी AMCA प्रोजेक्ट भी गति पकड़ेगा।

AMCA भारत का पहला पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान होगा।

इसमें राफेल की एवियॉनिक्स, Su-57 की स्टील्थ तकनीक और भारत की स्वदेशी तकनीक का मिश्रण होगा।

विशेषज्ञों के मुताबिक, आने वाले समय में भारत दुनिया के चुनिंदा देशों में शामिल हो जाएगा जिनके पास पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान होंगे।

रूस और फ्रांस का यह सहयोग भारत की रक्षा नीति में गेम चेंजर साबित होगा। इससे न केवल भारत की हवाई शक्ति बढ़ेगी बल्कि अमेरिका की एकाधिकार नीति पर भी करारा प्रहार होगा। पाकिस्तान के लिए यह खबर सपने में भी डराने वाली है

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