यूपी की राजनीति में नया विवाद: अजय राय ने सीएम योगी के खिलाफ मानहानि का केस दायर किया, मछली खाने के आरोप को बताया गलत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अयोध्या के कथित मछली भोज को लेकर शुरू हुआ विवाद अब अदालत तक पहुंच गया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ मानहानि का मामला दायर किया है। राय ने आरोप लगाया है कि उनके बारे में मछली खाने को लेकर की गई टिप्पणी गलत और मानहानिकारक है तथा इससे उनकी प्रतिष्ठा और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
क्या है पूरा मामला?
विवाद की शुरुआत 24 अगस्त को अयोध्या में निषाद समाज से जुड़े एक कार्यक्रम के बाद हुई। कार्यक्रम में मछली परोसे जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अजय राय पर कथित मछली भोज में शामिल होने को लेकर सवाल उठाए और उनकी आलोचना की।
मुख्यमंत्री की टिप्पणियों के बाद अजय राय ने आरोपों को खारिज किया। राय ने कहा कि वह मांसाहारी भोजन नहीं करते और उनके खिलाफ लगाए गए आरोप गलत हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने की मांग भी की।
अब अदालत की शरण में पहुंचे अजय राय
अजय राय ने 1 सितंबर को लखनऊ की MP-MLA अदालत का रुख किया और मानहानि की कानूनी कार्रवाई शुरू की। उनके वकील संजीव पांडेय ने भी मामले में कानूनी कार्यवाही शुरू होने की पुष्टि की है। अब आगे की प्रक्रिया अदालत में होगी।
राय का कहना है कि उनके बारे में सार्वजनिक रूप से ऐसी टिप्पणी की गई जिससे उनकी छवि प्रभावित हुई। उन्होंने इसी आधार पर न्यायिक प्रक्रिया के जरिए अपना पक्ष रखने का फैसला किया है।
पहले भी दे चुके थे सबूत दिखाने की चुनौती
मामला अदालत पहुंचने से पहले भी अजय राय ने सार्वजनिक रूप से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से कथित मछली खाने का फोटो या वीडियो सबूत दिखाने की चुनौती दी थी। उन्होंने आरोपों को गलत बताते हुए कहा था कि यदि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप साबित होते हैं तो वह इस्तीफा देने तक को तैयार हैं।
भाजपा-कांग्रेस के बीच बढ़ा राजनीतिक टकराव
अयोध्या का यह विवाद अब केवल व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा है। इसे लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हुई है। दोनों पक्षों की ओर से मामले को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं।
अब अजय राय के अदालत पहुंचने के बाद इस विवाद का अगला फैसला न्यायिक प्रक्रिया में होगा। अदालत में मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष अपने-अपने दावे और साक्ष्य रखेंगे।
Poonam Report



