श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर श्रद्धा के साथ मनाया गया भगवान वामन प्राकट्योत्सव

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर भाद्रपद शुक्ल द्वादशी के अवसर पर बुधवार को भगवान विष्णु के पंचम अवतार भगवान वामन का प्राकट्योत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान पर विराजमान ठाकुर श्रीकेशवदेव ने भगवान वामन के स्वरूप में श्रद्धालुओं को दर्शन दिए।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा-संस्थान के सचिव कपिल शर्मा के अनुसार भगवान वामन ने कश्यप ऋषि और माता अदिति के पुत्र के रूप में अवतार लिया था। धार्मिक मान्यता के अनुसार उन्होंने भक्तराज बलि का उद्धार किया। प्राकट्योत्सव को विनम्रता, धर्म और मर्यादा से जुड़े संदेश के रूप में भी देखा जाता है।
प्राकट्योत्सव के अवसर पर सुबह आठ बजे हरिनाम संकीर्तन और मंगल वाद्य यंत्रों के बीच भगवान वामन की विशेष प्राकट्य आरती और महाभिषेक किया गया। इसके बाद पीले पुष्पों से भगवान वामन का विशेष अर्चन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के चलते जन्मभूमि परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा।
इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचे और भगवान वामन के स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं के बीच हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। इसके साथ ही विशाल प्रसादी भंडारे का आयोजन भी हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।
पूजन-अर्चन के दौरान जगत कल्याण और श्रद्धालुओं के मनोरथ की सिद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की गई। पूरे आयोजन के दौरान धार्मिक अनुष्ठानों और भक्ति कार्यक्रमों से श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में श्रद्धा का वातावरण बना रहा।
Poonam Report



