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गाजीपुर के राजकुमार पाल की खास बातचीत, पेरिस ओलंपिक कांस्य से अर्जुन अवॉर्ड तक का सफर

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गाजीपुर के करमपुर से निकलकर भारतीय हॉकी टीम तक पहुंचे राजकुमार पाल आज देश के चर्चित हॉकी खिलाड़ियों में शामिल हैं। पेरिस ओलंपिक 2024 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के कांस्य पदक जीतने में वह टीम के अहम सदस्य रहे। अब उन्हें प्रतिष्ठित अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। वह गाजीपुर जिले के पहले खिलाड़ी हैं, जिन्हें यह सम्मान मिलने जा रहा है।

राजकुमार पाल का सफर आसान नहीं रहा। महज आठ वर्ष की उम्र में उनके पिता कल्पनाथ पाल का निधन हो गया था। इसके बाद परिवार के सामने आर्थिक परेशानियां बढ़ गईं, लेकिन उनकी मां मनराजी पाल ने बच्चों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। राजकुमार ने करमपुर स्थित मेघबरन सिंह स्टेडियम में हॉकी का प्रशिक्षण लिया। आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों के लिए स्टेडियम में भोजन, दूध, खेल किट और प्रशिक्षण जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती थीं, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर मिला।

धीरे-धीरे मेहनत और प्रदर्शन के दम पर राजकुमार ने भारतीय हॉकी टीम में जगह बनाई। वह मिडफील्डर के रूप में टीम का हिस्सा बने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई। पेरिस ओलंपिक में भारतीय टीम ने कांस्य पदक जीता और राजकुमार पाल भी उस ऐतिहासिक टीम के सदस्य रहे।

राजकुमार की उपलब्धियों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने भी उन्हें सम्मानित किया। पेरिस ओलंपिक में पदक जीतने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ करमपुर पहुंचे थे और राजकुमार पाल को उत्तर प्रदेश पुलिस में डिप्टी एसपी का पद तथा एक करोड़ रुपये की सम्मान राशि देने की घोषणा की थी।

अर्जुन अवॉर्ड के लिए चयन उनके करियर की एक और बड़ी उपलब्धि है। खेल मंत्रालय की घोषणा के अनुसार, राजकुमार पाल इस सम्मान को पाने वाले गाजीपुर के पहले खिलाड़ी होंगे। उनके चयन के बाद करमपुर और पूरे गाजीपुर में खुशी का माहौल है। मेघबरन सिंह स्टेडियम से जुड़े लोगों ने इसे ग्रामीण क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है।

राजकुमार पाल की कहानी यह भी बताती है कि सीमित संसाधनों के बावजूद यदि किसी खिलाड़ी को परिवार का सहयोग, सही प्रशिक्षण और आगे बढ़ने का अवसर मिले तो वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकता है। करमपुर के ग्रामीण खेल मॉडल से निकलकर ओलंपिक पदक और अब अर्जुन अवॉर्ड तक पहुंचना उनके संघर्ष और मेहनत की बड़ी मिसाल बन गया है।

Poonam Report

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