गजब का हाल: जहां मिली जगह, वहीं तान दिए बांस लगाकर होर्डिंग; प्रतापगढ़ हादसे के बाद भी नहीं खुली नींद

शहर में अवैध होर्डिंग्स का जाल लगातार फैलता जा रहा है। जहां थोड़ी-सी खाली जगह दिखी, वहीं बांस-बल्ली गाड़कर बड़े-बड़े विज्ञापन बोर्ड तान दिए गए हैं। हैरानी की बात यह है कि प्रतापगढ़ में हाल ही में हुए हादसे के बाद भी जिम्मेदार विभाग पूरी तरह नहीं जागे हैं।
सुरक्षा मानकों की अनदेखी
कई स्थानों पर लगाए गए होर्डिंग न तो निर्धारित ऊंचाई मानकों का पालन करते हैं और न ही उनकी मजबूती की जांच की गई है। तेज हवा या बारिश के दौरान ये ढांचे कभी भी गिर सकते हैं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों की जान को खतरा बना रहता है।
प्रशासन की कार्रवाई सवालों में
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना अनुमति लगाए गए होर्डिंग्स के खिलाफ समय-समय पर अभियान जरूर चलाया जाता है, लेकिन कुछ दिनों बाद स्थिति फिर जस की तस हो जाती है। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर निगरानी व्यवस्था इतनी ढीली क्यों है।
हादसे से नहीं लिया सबक
प्रतापगढ़ में हुए हादसे के बाद उम्मीद थी कि नगर निकाय और संबंधित विभाग सख्ती बरतेंगे, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कई मुख्य सड़कों और चौराहों पर अस्थायी ढांचों पर टंगे विज्ञापन बोर्ड खुलेआम नजर आ रहे हैं।
आम लोगों में नाराजगी
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि अवैध होर्डिंग्स को तत्काल हटाया जाए और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि प्रशासन को राजस्व के साथ-साथ सुरक्षा को भी प्राथमिकता देनी चाहिए।
शहर की सूरत और सुरक्षा दोनों को बेहतर बनाने के लिए जरूरी है कि नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे से बचा जा सके। Poonam Report



