पटना। NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले में आरोपी संजीव मुखिया को आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने रिमांड पर लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। जांच एजेंसी उससे मामले से जुड़े नेटवर्क और कथित पेपर लीक की पूरी कड़ी के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है। संजीव मुखिया को इस मामले में प्रमुख आरोपियों में गिना गया है।
संजीव मुखिया को अप्रैल 2025 में बिहार EOU ने गिरफ्तार किया था। इससे पहले वह लंबे समय से जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर था। उसकी गिरफ्तारी से पहले बिहार पुलिस ने उसके बारे में सूचना देने वाले व्यक्ति के लिए तीन लाख रुपये के इनाम की घोषणा भी की थी।
NEET-UG 2024 पेपर लीक मामले की जांच में बिहार से लेकर झारखंड तक कई लोगों की भूमिका सामने आई थी। जांच के दौरान प्रश्नपत्र की तस्वीरें निकालने और उन्हें आगे पहुंचाने से जुड़ी कथित गतिविधियों की भी जांच की गई। बाद में मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) तक पहुंचा।
EOU की पूछताछ में संजीव मुखिया से यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित पेपर लीक नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल थे और प्रश्नपत्र से संबंधित जानकारी किस तरह आगे पहुंची। जांच एजेंसी मामले से जुड़े अन्य आरोपियों और उनके बीच संभावित संपर्कों को भी खंगाल रही है।
इस मामले में संजीव मुखिया के बेटे समेत कई अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया था। EOU की कार्रवाई के बाद संजीव मुखिया को अदालत की प्रक्रिया के तहत न्यायिक हिरासत में भेजा गया था और बाद में पूछताछ के लिए रिमांड लिया गया था।
हालांकि, मामले से जुड़ी एक महत्वपूर्ण बात यह भी है कि बाद की CBI जांच के संबंध में रिपोर्टों में संजीव कुमार उर्फ संजीव मुखिया को प्रश्नपत्र की चोरी या उसके वितरण से सीधे जोड़ने वाला पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात सामने आई है। इसलिए उनके खिलाफ आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
NEET-UG 2024 विवाद ने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता और सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए थे। इस मामले में जांच एजेंसियों की कार्रवाई का उद्देश्य कथित पेपर लीक की पूरी कड़ी और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करना है।
Poonam Report



