केंद्र नहीं मिला बजट, गैस पीड़ित बेहाल; कैंसर-किडनी फेल्योर से जूझ रहे मरीजों की अनुग्रह राशि अटकी

गैस त्रासदी से प्रभावित परिवारों की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। केंद्र से बजट जारी न होने के कारण गैस पीड़ितों की अनुग्रह राशि अटक गई है, जिससे गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। कैंसर, किडनी फेल्योर और अन्य जानलेवा बीमारियों से पीड़ित कई मरीज इलाज के लिए भटकने को मजबूर हैं।
जानकारी के अनुसार, गैस पीड़ितों को मिलने वाली अनुग्रह सहायता राशि लंबे समय से लंबित है। यह राशि उन मरीजों के लिए बेहद जरूरी है, जो महंगे इलाज और नियमित दवाओं पर निर्भर हैं। बजट न मिलने के कारण न तो नई स्वीकृतियां हो पा रही हैं और न ही पहले से लंबित मामलों का भुगतान।
पीड़ित परिवारों का कहना है कि इलाज के खर्च ने उनकी आर्थिक हालत पूरी तरह तोड़ दी है। कई मरीजों ने आरोप लगाया कि अनुग्रह राशि ही उनका आखिरी सहारा थी, लेकिन उसके रुकने से दवाएं तक खरीदना मुश्किल हो गया है। कुछ मामलों में इलाज बीच में ही रोकना पड़ा है, जिससे मरीजों की हालत और बिगड़ रही है।
स्थानीय संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से तुरंत बजट जारी करने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सिर्फ आर्थिक मुद्दा नहीं, बल्कि मानवीय संकट है। समय पर मदद न मिलने से कई मरीजों की जान तक खतरे में पड़ सकती है।
प्रशासनिक स्तर पर बताया जा रहा है कि बजट स्वीकृति की प्रक्रिया जारी है, लेकिन पीड़ितों का कहना है कि उन्हें आश्वासनों नहीं, तुरंत राहत चाहिए। अब सभी की नजरें केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं, जिससे गैस पीड़ितों को कुछ राहत मिल सके।
Akshansh Report



