UP में डिफेंस कॉरिडोर के लिए 1000 एकड़ भूमि के आवंटन की तैयारी,
लखनऊ–झांसी समेत ये शहर बने निवेशकों की पहली पसंद

निरुपमा पाण्डेय:
जस्ट एक्शन न्यूज:
लखनऊ
। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को रक्षा उत्पादन का बड़ा केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रही है। इसी कड़ी में यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के लिए करीब 1000 एकड़ भूमि के आवंटन की तैयारी अंतिम चरण में है। सरकार का लक्ष्य देश-विदेश की रक्षा कंपनियों को आकर्षित कर प्रदेश में निवेश, रोजगार और तकनीकी विकास को नई गति देना है।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत लखनऊ, झांसी, कानपुर, अलीगढ़, आगरा और चित्रकूट जैसे शहर निवेशकों की पहली पसंद बनकर उभरे हैं। इन क्षेत्रों में पहले से मौजूद बुनियादी ढांचा, बेहतर कनेक्टिविटी और औद्योगिक अनुकूल वातावरण के कारण रक्षा क्षेत्र की कंपनियां यहां निवेश के लिए रुचि दिखा रही हैं।
लखनऊ और झांसी पर विशेष फोकस
राजधानी लखनऊ में रक्षा अनुसंधान, एवियोनिक्स और इलेक्ट्रॉनिक्स से जुड़ी इकाइयों के लिए भूमि चिन्हित की गई है, जबकि झांसी क्षेत्र को हथियार निर्माण, गोला-बारूद और रक्षा उपकरणों के उत्पादन का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना है। झांसी की रणनीतिक स्थिति और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे जैसी परियोजनाएं निवेश को और आकर्षक बना रही हैं।
निवेशकों को मिलेंगी खास सुविधाएं
प्रदेश सरकार डिफेंस कॉरिडोर में निवेश करने वाली कंपनियों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस, टैक्स में छूट, सब्सिडी, बिजली-पानी की बेहतर आपूर्ति और कुशल मानव संसाधन जैसी सुविधाएं देने की तैयारी में है। साथ ही, निजी कंपनियों के साथ-साथ सार्वजनिक क्षेत्र की रक्षा इकाइयों को भी यहां विस्तार के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
रोजगार और आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा
डिफेंस कॉरिडोर परियोजना के पूरी तरह लागू होने पर हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है। इससे न सिर्फ उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को भी बड़ा बल मिलेगा।
प्रदेश सरकार का मानना है कि डिफेंस कॉरिडोर के जरिए उत्तर प्रदेश आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख रक्षा उत्पादन राज्यों में शामिल होगा और वैश्विक निवेश मानचित्र पर अपनी मजबूत पहचान बनाएगा।



