अन्तर्राष्ट्रीयओपिनियन

Opinion | तेजस्वी यादव को RJD की कमान क्यों सौंपना चाहते हैं लालू यादव?

पटना।
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) में नेतृत्व परिवर्तन को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज़ हो गई हैं। पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे और बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को संगठन की पूरी कमान सौंपे जाने के संकेत लगातार मिल रहे हैं। सवाल यह है कि आखिर लालू यादव ऐसा क्यों चाहते हैं और इसके पीछे उनकी रणनीति क्या है?
स्वास्थ्य और उम्र बना बड़ा कारण
लालू प्रसाद यादव की उम्र और स्वास्थ्य किसी से छिपा नहीं है। लंबे समय से वे सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं। ऐसे में पार्टी की रोजमर्रा की जिम्मेदारियां संभालना अब उनके लिए संभव नहीं रहा। यही वजह है कि वे भविष्य की राजनीति को ध्यान में रखते हुए नेतृत्व की बागडोर तेजस्वी यादव के हाथों में सौंपना चाहते हैं।
तेजस्वी की राजनीतिक परिपक्वता
तेजस्वी यादव अब सिर्फ ‘लालू के बेटे’ नहीं रह गए हैं। बिहार की राजनीति में उन्होंने खुद को एक मजबूत नेता के रूप में स्थापित किया है। नेता प्रतिपक्ष के तौर पर सरकार को घेरना हो या फिर महागठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री की भूमिका—तेजस्वी हर मोर्चे पर खरे उतरे हैं। युवा वर्ग और पिछड़े तबके में उनकी पकड़ लगातार मजबूत हो रही है।
युवाओं और नए वोटर्स पर फोकस
बिहार की राजनीति में युवाओं की संख्या निर्णायक होती जा रही है। लालू यादव भली-भांति जानते हैं कि आने वाले चुनाव युवा नेतृत्व की मांग करेंगे। तेजस्वी यादव रोजगार, शिक्षा और विकास जैसे मुद्दों को लेकर युवाओं के बीच लगातार सक्रिय रहते हैं, जिससे पार्टी को दीर्घकालिक लाभ मिल सकता है।
पार्टी में स्थिरता और उत्तराधिकार की राजनीति
RJD एक परिवार-केंद्रित पार्टी रही है। लालू यादव यह भी सुनिश्चित करना चाहते हैं कि उनके बाद पार्टी में नेतृत्व को लेकर कोई आंतरिक संघर्ष न हो। तेजस्वी को समय रहते कमान सौंपकर वे पार्टी को एकजुट रखना चाहते हैं और किसी भी तरह की टूट से बचाना चाहते हैं।
2025–2026 की चुनावी तैयारी
आने वाले विधानसभा और लोकसभा चुनावों को देखते हुए लालू यादव एक मजबूत चेहरा सामने लाना चाहते हैं। तेजस्वी यादव को पार्टी की पूरी जिम्मेदारी देने का मतलब है कि वे अभी से संगठन को चुनावी मोड में ले आएं और खुद को मुख्यमंत्री पद के चेहरे के तौर पर स्थापित करें।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, तेजस्वी यादव को RJD की कमान सौंपने की लालू यादव की इच्छा भावनात्मक नहीं, बल्कि पूरी तरह राजनीतिक और रणनीतिक है। अनुभव और विरासत के साथ युवा ऊर्जा का यह मेल RJD के भविष्य की दिशा तय कर सकता है।
निरुपमा पाण्डेय
Just Action News

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button