
गाजियाबाद: उत्तर प्रदेश के Ghaziabad में उस वक्त हड़कंप मच गया जब रिहायशी इलाके में एक तेंदुआ घुस आया। करीब 9 घंटे तक चले हाई-वोल्टेज रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद आखिरकार वन विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे सुरक्षित पकड़ लिया।
कैसे फैली दहशत?
सुबह के समय लोगों ने तेंदुए को कॉलोनी के पास घूमते देखा। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और वन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं। देखते ही देखते इलाके को घेर लिया गया और लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी गई।
बताया जा रहा है कि तेंदुआ पास के हरित क्षेत्र से भटककर आबादी वाले इलाके में आ गया था। कई जगहों पर उसे दीवार फांदते और गलियों में छिपते देखा गया, जिससे लोगों में डर का माहौल बन गया।
सैकड़ों जवानों की तैनाती
रेस्क्यू ऑपरेशन में पुलिस, वन विभाग और प्रशासन के सैकड़ों जवान तैनात रहे। ड्रोन कैमरों और जाल की मदद से तेंदुए की लोकेशन ट्रैक की गई। आसपास के स्कूल और बाजार अस्थायी रूप से बंद कर दिए गए।
DJ की वजह से बढ़ी परेशानी
रेस्क्यू के दौरान एक शादी समारोह में बज रहे तेज DJ की आवाज ने ऑपरेशन में खलल डाला। अधिकारियों के मुताबिक, तेज आवाज के कारण तेंदुआ कई बार घबराकर जगह बदलता रहा, जिससे उसे ट्रैंक्विलाइज करना मुश्किल हो गया। बाद में प्रशासन ने DJ बंद करवाया, तब जाकर टीम को कार्रवाई में आसानी हुई।
ऐसे पकड़ा गया तेंदुआ
करीब 9 घंटे की मशक्कत के बाद वन विभाग की टीम ने तेंदुए को बेहोशी का इंजेक्शन देकर काबू में किया। उसे सुरक्षित पिंजरे में बंद कर वन्यजीव संरक्षण केंद्र ले जाया गया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में कोई बड़ा जनहानि नहीं हुई।
प्रशासन की अपील
अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वन्यजीव दिखने पर भीड़ न लगाएं और अफवाहों से बचें। विशेषज्ञों का कहना है कि तेजी से शहरीकरण और जंगलों के सिमटने की वजह से जंगली जानवरों का रिहायशी इलाकों में आना बढ़ रहा है।
करीब नौ घंटे तक चले इस ऑपरेशन ने शहरवासियों की सांसें थामे रखीं, लेकिन अंततः तेंदुआ सुरक्षित पकड़ लिया गया और लोगों ने राहत की सांस ली।
(Poonam Report)



